गुमला: स्कूली वाहनों की सघन जाँच पूरी करने के बाद, जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) के नेतृत्व में जाँच टीम ने मालवाहक और यात्री परिवहन की ओर रुख किया। आज की इस आकस्मिक कार्रवाई में ओवरलोडिंग, बिना वैध परमिट के परिचालन और नियमों की अनदेखी करने वाले वाहनों से कुल ₹2,20,000 (दो लाख बीस हजार रुपए) का भारी जुर्माना वसूला गया।
अवैध परिचालन पर शिकंजा: शैलेन्द्र बस पर गिरी गाज
जिला परिवहन पदाधिकारी के सड़क पर उतरते ही वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। जाँच का मुख्य फोकस बॉक्साइट जैसे खनिज लदे वाहनों पर था, लेकिन कार्रवाई के दायरे में यात्री बसें भी आईं।
यात्री बस जब्त: ‘शैलेन्द्र’ नामक एक यात्री बस को बिना वैध परमिट के चलते हुए पाए जाने पर तुरंत जब्त कर लिया गया।
ओवरलोडिंग: बॉक्साइट लदे वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक माल लादकर सड़क को जोखिम में डाला जा रहा था।
कागजात और सुरक्षा उल्लंघन: कई चालकों के पास वैध लाइसेंस नहीं था, न ही उनके पास वाहन परिचालन के लिए ऑथोराइजेशन सर्टिफिकेट मौजूद था। ट्रकों और अन्य वाहनों में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करते हुए अतिरिक्त लाइटें (Extra Light) लगी पाई गईं।
DTO ने स्पष्ट किया कि लापरवाही, खनन परिवहन में नियमों की अनदेखी, और यात्री सुरक्षा को खतरे में डालना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दोपहिया वाहनों और खतरनाक ड्राइविंग पर भी सख्ती
मालवाहक और यात्री वाहनों के साथ ही, टीम ने सड़क पर चल रहे दोपहिया वाहनों की भी जाँच की:
हेलमेट और ट्रिपल राइडिंग: बिना हेलमेट के गाड़ी चलाने वालों को फटकार लगाई गई और उनसे दंड वसूला गया। ‘ट्रिपल राइडिंग’ के कारण भी कई चालान काटे गए।
अमान्य कागजात: ड्राइविंग लाइसेंस, इंश्योरेंस, परमिट, और PUC जैसे ज़रूरी दस्तावेज़ अमान्य पाए गए।
रॉन्ग साइड ड्राइविंग: गलत दिशा में वाहन चलाने वाले चालकों को पकड़कर न सिर्फ जुर्माना लगाया गया, बल्कि उन्हें सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया गया।
घाघरा-देवाकी रोड पर पेट्रोल पंप की भी हुई जाँच
जाँच अभियान के दौरान, अधिकारियों की टीम ने घाघरा-देवाकी रोड पर स्थित एक पेट्रोल पंप की भी आकस्मिक जाँच की। इस दौरान पब्लिक को मिलने वाली सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया।
जन सुविधाएं: जाँच में देखा गया कि क्या पेट्रोल पंप पर वाहनों में मुफ्त हवा भरने की सुविधा है, शौचालय (टॉयलेट) की उचित व्यवस्था है, और अग्निशामक यंत्र उपलब्ध हैं या नहीं।
पॉल्यूशन सेंटर की कमी: अधिकारियों ने पाया कि कई पंपों पर पॉल्यूशन सेंटर की सुविधा नहीं थी, जिस पर आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों का स्पष्ट संदेश: जीवन रक्षा सर्वोपरि
मोटरयान निरीक्षकों ने स्पष्ट किया कि प्रशासन का लक्ष्य सिर्फ राजस्व वसूली नहीं, बल्कि जीवन रक्षा है। पकड़े गए चालकों को सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में विस्तार से समझाया गया और भविष्य में अनिवार्य रूप से नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यह सघन जाँच अभियान बिना किसी पूर्व सूचना के जिले भर में जारी रहेगा। जो भी व्यक्ति सड़क सुरक्षा मानकों की अनदेखी करेगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।



