हजारीबाग: शिक्षा और अकादमिक जगत से जुड़ी एक बड़ी खबर हजारीबाग से सामने आ रही है। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के पूर्व सदस्य डॉ. जमाल अहमद ने ऐतिहासिक सेंट कोलंबा महाविद्यालय में पुनः अपनी सेवाएं देने के लिए कार्यभार ग्रहण कर लिया है। आयोग में अपना महत्वपूर्ण प्रशासनिक कार्यकाल पूरा करने और इस्तीफा देने के बाद, उन्होंने अपनी जड़ों की ओर लौटते हुए अपने मूल संस्थान में फिर से योगदान दिया है।
प्राचार्य व शिक्षकों की मौजूदगी में ग्रहण किया पदभार
कार्यभार ग्रहण करने के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. बिमल रेवन समेत कई वरिष्ठ शिक्षक एवं कर्मचारी विशेष रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर कॉलेज प्रशासन ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके विशाल अनुभवों का लाभ एक बार फिर विद्यार्थियों को मिलने पर प्रसन्नता व्यक्त की। प्राचार्य डॉ. बिमल रेवन ने कहा कि डॉ. जमाल अहमद का कॉलेज में वापस आना न केवल संस्थान के लिए गौरव की बात है, बल्कि इससे महाविद्यालय के शैक्षणिक माहौल को भी नई ऊर्जा मिलेगी।
2021 में आयोग के लिए हुए थे विरामित
गौरतलब है कि डॉ. जमाल अहमद को झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया था। इस महत्वपूर्ण संवैधानिक जिम्मेदारी को संभालने के लिए उन्हें 1 सितंबर 2021 को सेंट कोलंबा कॉलेज से औपचारिक रूप से विरामित (relieve) किया गया था। आयोग में अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने राज्य की प्रशासनिक और प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रियाओं में अपना योगदान दिया। आयोग के सदस्य पद से त्यागपत्र देने के तुरंत बाद उन्होंने बिना किसी विलंब के अपने मूल अध्यापन कार्य में लौटने का निर्णय लिया।
विद्यार्थियों में दिखा अभूतपूर्व उत्साह
डॉ. जमाल अहमद के परिसर में आगमन की खबर फैलते ही विद्यार्थियों के चेहरे खिल उठे। जैसे ही वे महाविद्यालय पहुंचे, छात्रों ने उनका अत्यंत आत्मीय और भावुक स्वागत किया। छात्रों का कहना था कि डॉ. अहमद न केवल एक बेहतरीन शिक्षक हैं, बल्कि एक कुशल मार्गदर्शक भी हैं। उनकी वापसी से कक्षाओं में फिर से वही पुराना ज्ञानवर्धक और जीवंत माहौल देखने को मिलेगा। विद्यार्थियों ने फूल-मालाओं और शुभकामनाओं के साथ अपने प्रिय शिक्षक का अभिनंदन किया।
डॉ. जमाल अहमद की वापसी से सेंट कोलंबा महाविद्यालय के अध्यापन स्तर और शोध गतिविधियों को एक नया प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।





