Bokaro News: नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 और सीबीएसई के दिशा-निर्देशों के अनुरूप अनुभव आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में डीपीएस बोकारो ने अपने छात्रों को सिंगापुर की एक विशेष शैक्षणिक यात्रा का अवसर प्रदान किया। चार दिवसीय इस ज्ञानवर्धक और रोमांचक यात्रा में 10 विद्यार्थियों सहित शिक्षकों और अभिभावकों की 14 सदस्यीय टीम शामिल रही। यह दल मंगलवार देर शाम बोकारो लौटा।

छात्रों ने यात्रा को बेहद शिक्षाप्रद बताया—जहां उन्होंने स्वच्छता, आधुनिकता और नागरिक जिम्मेदारी के स्तर पर सिंगापुर के अनुकरणीय मॉडल को नजदीक से देखा। यात्रा के तहत विद्यार्थियों ने न्यूवॉटर प्लांट का दौरा कर जल प्रबंधन और तकनीकी क्षमता को समझा। वहीं सिंगापुर फ्लायर से उन्होंने मरीना बे की जगमगाती स्काईलाइन और भविष्यवादी शहरी योजना का विहंगम दृश्य देखा।

जूरोंग बर्ड पार्क में 3,000 से अधिक पक्षियों की विविध प्रजातियों को देखकर पर्यावरण संरक्षण का महत्व जाना। नाइट सफारी और वाइल्डलाइफ पार्क में शेर, बाघ और हाथी जैसे वन्य जीवों को देखना छात्रों के लिए रोमांचक अनुभव रहा। सेंटोसा द्वीप की केबल कार यात्रा और शाम को आयोजित विंग्स ऑफ टाइम शो ने उन्हें तकनीक और रचनात्मकता का उत्कृष्ट संगम दिखाया।

यूनिवर्सल स्टूडियोज में मनोरंजन और शिक्षा का मेल छात्रों के लिए प्रेरणादायक रहा। वहीं सिंगापुर ओशियनोरियम में 40,000 से अधिक समुद्री जीवों को देख छात्रों ने समुद्री पारिस्थितिकी और विविध जीवन के प्रति गहरी समझ विकसित की।

“भ्रमण से मिलती है वैश्विक सोच” – प्राचार्य डॉ. गंगवार

विद्यालय के प्राचार्य डॉ. ए.एस. गंगवार ने कहा कि ऐसे शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों को कक्षा से बाहर निकालकर “वास्तविक विश्व” की सीख देते हैं। उन्होंने कहा, “यह यात्रा हमारे छात्रों को केवल अकादमिक रूप से नहीं, बल्कि जिम्मेदार वैश्विक नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ाती है। डीपीएस बोकारो अपने विद्यार्थियों को ऐसे अवसर देकर उन्हें 21वीं सदी के लीडर बनाने का कार्य कर रहा है।”

अभिभावकों ने विद्यालय के इस पहल को सराहा और कहा कि सिंगापुर भ्रमण ने बच्चों में आत्मविश्वास, अनुशासन और सामाजिक समझ को बढ़ावा दिया।

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