Jamshedpur news: कदमा टावर रोड स्थित टाटा स्टील के क्वार्टर संख्या एल5-55 को खाली कराने पहुंची टाटा स्टील यूआईएसएल (पूर्व में जुस्को) और एसआरटी की टीम को शुक्रवार को विरोध और हंगामे का सामना करना पड़ा। कई घंटों तक चली तनातनी के बाद कंपनी ने क्वार्टर को खाली कराकर अपने कब्जे में ले लिया।

कंपनी की ओर से आरोप लगाया गया है कि ट्रैफिक पुलिस में पदस्थापित एएसआई अमरेश कुमार सिंह पिछले करीब ढाई वर्षों से उक्त क्वार्टर में अनधिकृत रूप से रह रहे थे। अधिकारियों के अनुसार, क्वार्टर का आवंटन समाप्त होने के बाद भी उसे खाली नहीं किया गया और कथित तौर पर ताला तोड़कर उसमें निवास किया जा रहा था।

शुक्रवार सुबह जब यूआईएसएल और एसआरटी की टीम कार्रवाई के लिए मौके पर पहुंची तो एएसआई अमरेश कुमार सिंह और उनके परिजनों ने इसका विरोध किया। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस और नोकझोंक हुई, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया।

टाटा स्टील यूआईएसएल के अधिकारियों का कहना है कि कंपनी की संपत्तियों पर अवैध कब्जे को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। उनका आरोप है कि क्वार्टर खाली कराए जाने के बाद उसकी बिजली और पानी की आपूर्ति बंद कर दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद चोरी से इन सुविधाओं का उपयोग किया जा रहा था, जिससे कंपनी को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था।

कंपनी का दावा है कि अमरेश कुमार सिंह को कई बार मौखिक रूप से क्वार्टर खाली करने के लिए कहा गया था। इसके अलावा लिखित नोटिस भी जारी किए गए थे, लेकिन उनका कोई जवाब नहीं मिला। अधिकारियों का यह भी आरोप है कि पूर्व में कब्जा हटाने की कोशिशों को दबाव बनाकर बाधित किया जाता रहा।

वहीं एएसआई अमरेश कुमार सिंह और उनके परिवार ने कंपनी के सभी आरोपों को निराधार बताया। उनका कहना था कि उन्हें क्वार्टर खाली करने संबंधी कोई नोटिस प्राप्त नहीं हुआ है और वे कार्रवाई का विरोध करेंगे। हंगामे के दौरान उन्होंने कंपनी के दावों को पूरी तरह खारिज कर दिया।

मामले की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। टाटा स्टील यूआईएसएल के अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई से पहले संबंधित थाने को लिखित रूप से सूचित किया गया था। कंपनी के अनुसार पुलिस प्रशासन के सहयोग से क्वार्टर को खाली कराने तथा उसे सील करने की कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई।

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