Chainpur (Gumla): प्रखंड मुख्यालय स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र परिसर में शनिवार को ‘प्रखंड स्तरीय स्वास्थ्य मेला’ का आयोजन किया गया। मेले का विधिवत शुभारंभ उप प्रमुख प्रमोद खलखो, चैनपुर मुखिया शोभा देवी, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. धनुराज सुब्रह्मण्यम और प्रखंड लेखा प्रबंधक प्रमोद कुमार ने संयुक्त रूप से फीता काटकर एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया। हालांकि, आयोजन में अव्यवस्थाओं को लेकर जनप्रतिनिधियों ने गहरी नाराजगी जाहिर की।

स्वास्थ्य मेले में विभिन्न बीमारियों की जांच और जागरूकता के लिए कुल 24 स्टॉल लगाए गए थे। दूर-दराज के गांवों से काफी संख्या में ग्रामीण अपनी बीमारियों के इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे थे। लोगों ने कतारबद्ध होकर रजिस्ट्रेशन तो कराया, लेकिन केंद्र पर विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुपस्थिति के कारण उन्हें निराशा हाथ लगी। जहां एक ओर सामान्य मरीजों को दिक्कतें हुईं, वहीं कार्यक्रम के दौरान फाइलेरिया के मरीजों को देख-रेख के लिए विशेष किट प्रदान की गई।टीबी मरीजों को दवाइयां और पोषण संबंधी सामग्री वितरित की गई।मेले की बदहाली देख उप प्रमुख प्रमोद खलखो ने अधिकारियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि “सरकार जनता को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देने के लिए लाखों खर्च कर रही है, लेकिन अधिकारियों की अनुपस्थिति से योजनाएं फेल हो रही हैं।”

उन्होंने बुजुर्गों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं और सुविधाओं में कटौती पर कड़ा ऐतराज जताया।वही मुखिया शोभा देवी ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि “बड़े-बड़े पोस्टर लगाकर सुविधाओं का दावा तो किया गया है, लेकिन हकीकत में लोग घंटों खड़े रहने को मजबूर हैं।” उन्होंने प्रभारी डॉक्टर को तुरंत कुर्सियों और अन्य बुनियादी सुविधाओं का प्रबंध करने का निर्देश दिया और कहा कि अधिकारियों की अनदेखी के कारण जनता परेशान हो रही है।प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. धनुराज सुब्रह्मण्यम ने शिकायतों को सुना और व्यवस्थाओं में सुधार का आश्वासन दिया। हालांकि, ग्रामीणों का कहना था कि विशेषज्ञों के अभाव में यह मेला महज एक खानापूर्ति बनकर रह गया।

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