Ramgarh : राष्ट्रीय फ्लोरोसिस नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को मध्य विद्यालय, सिरका में विशेष जांच शिविर लगाया गया। इस शिविर का नेतृत्व सिविल सर्जन डॉ. महालक्ष्मी प्रसाद, डॉ. तुलिका रानी और जिला नोडल पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से किया।

शिविर में कुल 135 बच्चों की जांच की गई, जिसमें डॉक्टर पल्लवी कौशल और डॉ. लता कच्छप ने सक्रिय भूमिका निभाई। पानी के सैंपल में फ्लोराइड की मात्रा की भी जांच की गई। जांच के दौरान 34 बच्चों में फ्लोरोसिस के लक्षण पाए गए। इनके पेशाब के सैंपल की लैब जांच के बाद 22 बच्चों में फ्लोरोसिस बीमारी की पुष्टि हुई।

डॉ. पल्लवी कौशल ने बताया कि यह बीमारी पीने के पानी में अधिक फ्लोराइड के कारण होती है। इसके अलावा सेंधा नमक, काला नमक और लाल चाय के अधिक सेवन से भी फ्लोरोसिस की संभावना बढ़ जाती है।

उन्होंने बच्चों और स्कूल कर्मियों को सलाह दी कि हरी पत्तेदार सब्जियां, खट्टे फल जैसे संतरा, नींबू, आंवला और दूध से बने उत्पाद का सेवन बढ़ाएँ। यह फ्लोराइड के शरीर में जमाव को कम करता है।

साथ ही, डॉ. कौशल ने बताया कि सदर अस्पताल में किसी भी व्यक्ति के पानी और पेशाब की जांच नि:शुल्क कराई जा सकती है। शिविर के दौरान बच्चों और स्कूल स्टाफ को फ्लोरोसिस से बचाव और स्वास्थ्य जागरूकता पर जानकारी भी दी गई।

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