Ranchi : श्रीलक्ष्मी वेकटेश्वर मंदिर में पवित्र धनुर्मास व्रतोत्सव बड़े उत्साह और धार्मिक उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। 16 दिसंबर 2025 से आरंभ हुआ यह व्रतोत्सव 14 जनवरी 2026 तक पूरे एक माह चलेगा। इस अवधि में प्रतिदिन तिरुप्पावै प्रबंधम् के पाठ के साथ भगवान श्रीलक्ष्मी वेकटेश्वर की विशेष आराधना की जा रही है। व्रत के दौरान भगवान को प्रतिदिन नए वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं तथा आयुर्वेदिक औषधियों का पान कराया जा रहा है। भगवान वेंकटेश्वर की पूजा रंगनाथ रूप में और भूमि देवी लक्ष्मी की पूजा गोदाम्बा देवी रूप में की जा रही है।
धनुर्मास व्रत की महिमा प्राचीन काल से मानी जाती रही है। द्वापर युग में श्री राधा द्वारा गोपियों के साथ कात्यायनी व्रत के रूप में इसे करने का वर्णन मिलता है। कलियुग में लगभग एक हजार वर्ष पूर्व श्रीभूमिदेवी के अवतार आंडाल, जिन्हें गोदाम्बा देवी के रूप में जाना जाता है, ने भगवान वटपत्रशायी को पति रूप में प्राप्त करने हेतु यह व्रत किया। गोदा देवी ने इस व्रत के दौरान भगवान की स्तुति में तिरुप्पावै के 30 पाशुरों की रचना की, जिनमें वेदांत का सार समाहित है। मान्यता है कि यह व्रत भक्तों को भोग और मोक्ष दोनों की प्राप्ति कराता है।



