Bareilly, (UP): उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में दिल्ली-लखनऊ हाईवे पर स्थित एक ढाबे की आड़ में चल रहे देह व्यापार के बड़े सिंडिकेट का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। शनिवार को भोजीपुरा पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर “अपना ढाबा” पर अचानक छापेमारी की, जिससे वहां भगदड़ मच गई। पुलिस ने मौके से ढाबा संचालक कुंवरपाल यादव सहित चार पुरुषों और तीन महिलाओं को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।
ट्रक चालकों और राहगीरों से तय होता था सौदा
क्षेत्राधिकारी (CO) हाईवे शिवम आशुतोष सिंह ने बताया कि हाईवे से गुजरने वाले ट्रक चालकों और राहगीरों को निशाना बनाया जाता था। जैसे ही कोई ग्राहक ढाबे पर रुकता, संचालक उनसे सौदा तय करता और ढाबे के पीछे बने गुप्त कमरों में भेज देता। प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि यह अवैध कारोबार काफी लंबे समय से फल-फूल रहा था।
कमीशन का खेल: 500 से 2000 रुपये में होती थी डील
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार महिलाओं ने चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने बताया कि ग्राहकों से 500 रुपये से लेकर 2000 रुपये तक वसूले जाते थे।
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हिस्सेदारी: हर डील में संचालक कुंवरपाल और फरार ढाबा मालिक गजेंद्र सिंह की बड़ी हिस्सेदारी होती थी।
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बुकिंग: महिलाओं को फोन के जरिए बुलाया जाता था और सारा कमीशन नेटवर्क के जरिए बंटता था।
पुलिस की छापेमारी में क्या-क्या मिला?
छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से आपत्तिजनक सामग्री के अलावा निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
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वाहान: एक स्कूटी और एक मोटरसाइकिल।
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गैजेट्स: 7 मोबाइल फोन (जिनके जरिए नेटवर्क संचालित होता था)।
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कैश: 2200 रुपये नकद और कॉस्मेटिक सामान।
मुख्य आरोपी गजेन्द्र सिंह फरार, तलाश जारी
सीओ ने स्पष्ट किया कि मुख्य आरोपी और ढाबा मालिक गजेंद्र सिंह पुलिस की गिरफ्त से बाहर है, जिसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि हाईवे किनारे किसी भी ढाबे या होटल में अवैध गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी और यह अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा।



