Ranchi : जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) और झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना (JSFSY) के प्रभावी क्रियान्वयन के उद्देश्य से शनिवार को आर्यभट्ट सभागार, मोरहाबादी में एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का शुभारंभ उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री ने दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी मोनी कुमारी, जिला आपूर्ति पदाधिकारी राम गोपाल पांडे सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

कार्यशाला में जिले के पणन पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी, सहायक गोदाम प्रबंधक और जन वितरण प्रणाली (PDS) के सभी दुकानदारों ने भाग लिया। मुख्य उद्देश्य था – खाद्यान्न वितरण में पारदर्शिता, जवाबदेही और गुणवत्ता सुनिश्चित कर लाभुकों को समय पर राशन उपलब्ध कराना।

गरीबों के लिए जीवनरेखा है खाद्य सुरक्षा योजना

उपायुक्त भजन्त्री ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम और राज्य खाद्य सुरक्षा योजना गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवन रेखा है।” उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि इस योजना में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी अधिकारियों और डीलरों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी पात्र लाभुक राशन से वंचित न रहे

उन्होंने ई-पॉस मशीन, बायोमेट्रिक सत्यापन, गोदाम प्रबंधन और स्टॉक सत्यापन की प्रक्रिया को सख्ती से लागू करने पर बल दिया। कार्यशाला में POS मशीन के उपयोग, ऑनलाइन स्टॉक अपडेट, और फर्जी राशन कार्ड निरस्तीकरण पर भी विशेष प्रशिक्षण दिया गया।

ई-केवाईसी पूरा करें, राशन कम न दें

उपायुक्त ने कहा कि अब तक 80 प्रतिशत ई-केवाईसी कार्य पूरा हो चुका है। शेष 20 प्रतिशत राशन डीलर निर्धारित समयसीमा में इसे पूरा करें। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई राशन डीलर लाभुकों को कम अनाज देता पाया गया, तो उस पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

उपायुक्त ने कहा कि लाभुकों से सम्मानपूर्वक व्यवहार करें, किसी भी स्थिति में दुर्व्यवहार न हो। प्रशासन को बार-बार शिकायतें मिलती हैं कि डीलर कम अनाज देते हैं, यह बिल्कुल अस्वीकार्य है।”

नशा मुक्त समाज की दिशा में प्रशासन की पहल

जिला प्रशासन ने राशन डीलरों को समाज में नशा मुक्त वातावरण बनाने की जिम्मेदारी भी सौंपी। उपायुक्त ने कहा कि राशन डीलर आम जनता के सबसे नजदीक रहते हैं, इसलिए वे लोगों को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराएं और नशा मुक्ति अभियान में भाग लें।

उन्होंने निर्देश दिया कि यदि किसी क्षेत्र में गांजा, अफीम या किसी अन्य नशीले पदार्थ की खेती की जानकारी मिले, तो तुरंत जिला प्रशासन को सूचित किया जाए ताकि कड़ी कार्रवाई की जा सके।

टीबी के खिलाफ जनजागरूकता फैलाने की अपील

उपायुक्त भजन्त्री ने राशन डीलरों से टीबी (क्षय रोग) के प्रति भी जागरूकता फैलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में यह बीमारी तेजी से फैल रही है और इसका कारण जागरूकता की कमी है। डीलर लोगों को इसके लक्षणों जैसे लगातार खांसी, वजन कम होना, बुखार के बारे में बताएं और उन्हें नजदीकी सरकारी अस्पताल में जांच करवाने के लिए प्रेरित करें।

राशन वितरण का दिन तय करें

पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उपायुक्त ने सभी डीलरों को निर्देश दिया कि राशन वितरण का एक निश्चित दिन तय करें और इसकी सूचना नोटिस बोर्ड, पंचायत कार्यालय या अन्य माध्यमों से लाभुकों तक पहुंचाएं। उन्होंने कहा कि इससे भीड़भाड़ कम होगी और वितरण प्रक्रिया अधिक सुगम बनेगी।

महिलाओं के सशक्तिकरण में मंईया योजना का योगदान

कार्यशाला में उपायुक्त ने बताया कि झारखंड सरकार की मंईया सम्मान योजना महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। रांची जिले में लगभग चार लाख योग्य महिला लाभुक इस योजना से जुड़ी हैं और उन्हें बैंक खातों में प्रत्यक्ष रूप से राशि हस्तांतरित की जा रही है। इससे वे शिक्षा, स्वास्थ्य और छोटे व्यवसायों में स्वावलंबन की दिशा में अग्रसर हैं।

राज्य स्थापना दिवस पर विशेष आयोजन

कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने कहा कि आगामी 15 नवम्बर को राज्य स्थापना दिवस और भगवान बिरसा मुंडा जयंती का संयुक्त आयोजन झारखंड की अस्मिता और गौरव का प्रतीक है। इस बार राज्य की 25वीं वर्षगांठ होने के कारण विशेष आयोजन किए जाएंगे। उन्होंने सभी नागरिकों, संगठनों और अधिकारियों से आग्रह किया कि इस पर्व को उत्साह और गौरव के साथ मनाएं

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