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Bokaro News: सरकार लगातार मोटे अनाज व छोटे अनाज खरिफ दलहन व तेलहन की बढ़ावा की बड़ी बड़ी घोषणाऐं करती रही लेकिन किसानों को निशुल्क धान की बीज एवं मोटे अनाज, छोटे अनाज,खरिफ दलहन फसलों के साथ साथ मुंगफली, कुद्रुम जैसी बीजों की जरूरत है. बीज बोआई की समय-सीमा समाप्त की ओर है.और झारखंड सरकार द्वारा खाद्य व धान बीज की सरकारी वितरण नहीं होने के कारण किसान भारी परेशानी में है, किसानों की सवालों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा, चन्दनकियारी ने गुरुवार को प्रखण्ड विकास पदाधिकारी चन्दनकियारी के समक्ष विक्षोप डेपुटेशन के माध्यम से किसानों के लिए निशुल्क पर खाद, बीज व धान बीज वितरण, खाद, बीज एवं किटनाशक दावा की कालाबाजारी की बंद, ग्राम स्तर पर शिविर लगाकर किसान रैयतों के जमीन की दाखिल- खारिज व ऑनलाइन रशीद निर्गत करना, बिजली प्रीपेड स्मार्ट मीटर की पुर्णत रोक, सभी किसानों को सरलीकरण केसीसी ऋण की गारंटी, झारखण्ड में नए सिरे से भू-सर्वेक्षण सेटेलमेंट की जाय, गैरमजरुआ जमीन दखलकारों को अविलम्ब मालिकाना हक दी जाए, राज्य में पूर्ण शराब बंदी तथा महिला उत्पीडन के अपराधियों को उदाहरण मूलक सजा दी जाए, सभी के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था की जाय, सभी कृषि उपज फसलों की एमएसपी की कानुनी दर्जा दी जाए तथा उत्पादन लागत से से डेढ़ गुणा दामों पर किसानों से सिधी कृषि उपज खरिद की गारंटी, पर्वतपुर कोल ब्लॉक में स्थानीय रैयतों को शत प्रतिशत व स्थानीय युवाओं को 75 फिसदी नियोजन की गारंटी की जाय जैसे 11 सूत्री किसानों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर किसान प्रतिनिधि मंडल ने प्रखंड विकास पदाधिकारी को मांग पत्र ज्ञापन सौंप कर अविलंब किसानों की सवालों की समाधान व युवाओं को नियोजन की गारंटी की जाय. किसान प्रतिनिधियों ने कहा कि खरीफ मौसम की शुरुआत के साथ ही चन्दनकियारी में धान की खेती की तैयारियां तेज हो गई हैं, किसानों को समय पर धान का बीज न मिलने से किसानों का गुस्सा सरकार व कृषि विभाग के खिलाफ उबल रहा है.विलंब के कारण किसानों को मजबूरी में खुले बाज़ार से महंगे दाम पर बीज खरीदने पड़ रहे हैं. सरकार व सरकार के प्रतिनिधि उदासीन है. इस लचर को तत्काल नहीं सुधरी तो संयुक्त किसान मोर्चा उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे. जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेवार सरकार व सरकार के प्रतिनिधि की होगी। मौके पर कुमुद महतो, विश्वनाथ बनर्जी, जगन्नाथ रजवार, नईम अंसारी, गोपाल महतो, नुनी वाला उरांव, दुर्गा चरण महतो, कालीपद हॉसदा, जानकी महतो, अनिल महतो, दिगम राय, लखण महतो, सुबोध रजवार, विन्देश्वर महतो, लखण महतो, इनुस आंसारी, प्रकाश महतो आदि शामिल रहे।
