Deoghar News: देवघर जिले के जसीडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत पदमपुरा गांव में शनिवार की सुबह ऐसा मंजर सामने आया, जिसने पूरे इलाके को सन्न कर दिया। गांव के एक कुएं से 25 वर्षीय गुड़िया देवी और उसकी महज एक साल की मासूम बच्ची के शव बरामद किए गए। मां-बेटी की मौत की खबर फैलते ही गांव में मातम पसर गया।

सबसे ज्यादा दिल को झकझोर देने वाला दृश्य तब सामने आया, जब ग्रामीणों ने देखा कि कुएं से निकाले गए शवों में बच्ची अपनी मां की छाती से लिपटी हुई थी। जिस गोद में बच्ची को सबसे ज्यादा सुरक्षा मिलनी चाहिए थी, वही गोद उसकी आखिरी शरण बन गई। इस दृश्य को देखकर मौके पर मौजूद लोग खुद को रोक नहीं सके और कई की आंखें भर आईं।

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घटना की सूचना मिलते ही मृतका के मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे और ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। मृतका के भाई उपेंद्र यादव ने बताया कि गुड़िया देवी लंबे समय से घरेलू हिंसा की शिकार थी। पति विष्णु यादव द्वारा आए दिन मारपीट और पैसों की मांग की जाती थी। विरोध करने पर उसे और उसकी बच्ची को नुकसान पहुंचाने की धमकियां दी जाती थीं।

मायके पक्ष ने इस घटना को आत्महत्या मानने से इनकार करते हुए इसे साजिशन हत्या करार दिया है। उनका कहना है कि यह एक सुनियोजित वारदात हो सकती है, जिसमें मां-बेटी को जानबूझकर कुएं में डाला गया।

सूचना मिलते ही जसीडीह थाना प्रभारी दीपक कुमार और एसडीपीओ अशोक सिंह पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और ग्रामीणों से पूछताछ की। पुलिस ने स्पष्ट किया कि फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि मामला आत्महत्या का है या हत्या का, लेकिन मायके पक्ष के आरोपों को गंभीरता से लिया जा रहा है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, 2 जनवरी को बच्ची का पहला जन्मदिन था। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद ही यह दर्दनाक घटना सामने आई। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पदमपुरा गांव में शोक और आक्रोश का माहौल है। हर कोई यही सवाल कर रहा है — क्या घरेलू हिंसा और लालच इतनी हद तक बढ़ सकता है कि एक मां और उसकी मासूम बच्ची की जान चली जाए?

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