नपुर (गुमला): चैनपुर प्रखंड में विकास योजनाओं की धीमी प्रगति और डिजिटल प्रक्रियाओं में लापरवाही को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। विकास कार्यों की समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) अनिमेष रंजन ने विभिन्न योजनाओं की प्रगति का आकलन करते हुए अधिकारियों एवं कर्मियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
समीक्षा के दौरान ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण)’ (VB-GRAM-G) पोर्टल पर चल रहे e-KYC कार्य की प्रगति अपेक्षा से काफी धीमी पाई गई। इसके अलावा कई विकास योजनाएं भी निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरी नहीं होने पर डीडीसी ने नाराजगी व्यक्त की।
डीडीसी ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समय पर पात्र लाभुकों तक पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि e-KYC और अन्य डिजिटल प्रक्रियाओं में लापरवाही बरती गई तो कई पात्र लाभार्थी योजनाओं के लाभ से वंचित हो सकते हैं, जिसे किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बैठक में चैनपुर प्रखंड के संबंधित रोजगार सेवक के कार्यों पर भी असंतोष जताया गया। डीडीसी ने उन्हें अंतिम चेतावनी देते हुए लंबित e-KYC कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने तथा भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने के निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों और क्षेत्रीय कर्मियों को नियमित रूप से फील्ड निरीक्षण करने, विकास योजनाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा सभी लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने का निर्देश दिया। साथ ही अधूरी योजनाओं को जल्द पूर्ण कर उसकी अद्यतन प्रगति रिपोर्ट जिला प्रशासन को उपलब्ध कराने को कहा।
बैठक के अंत में डीडीसी ने दो टूक कहा कि विकास कार्यों में शिथिलता या सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन अब योजनाओं की प्रगति की लगातार निगरानी करेगा ताकि आम जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से मिल सके।




