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चुट्टूपालू घाटी का निरीक्षण कर डीसी ऋतुराज और एसपी मुकेश ने NHAI को लगाई फटकार

रामगढ़/रांची: रामगढ़-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग-33 पर स्थित और ‘मौत की घाटी’ के नाम से कुख्यात चुट्टूपालू घाटी में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रामगढ़ जिला प्रशासन ने एक बड़ी और विशेष पहल शुरू की है। शुक्रवार को रामगढ़ के उपायुक्त (डीसी) ऋतुराज

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रामगढ़/रांची: रामगढ़-रांची राष्ट्रीय राजमार्ग-33 पर स्थित और ‘मौत की घाटी’ के नाम से कुख्यात चुट्टूपालू घाटी में लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए रामगढ़ जिला प्रशासन ने एक बड़ी और विशेष पहल शुरू की है। शुक्रवार को रामगढ़ के उपायुक्त (डीसी) ऋतुराज और पुलिस अधीक्षक (एसपी) मुकेश कुमार लुनायत ने प्रशासनिक टीम के साथ इस 5 किलोमीटर लंबी खतरनाक घाटी का जमीनी निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने पाया कि सड़क निर्माण के समय बरती गई गंभीर तकनीकी खामियों और एनएचएआई (NHAI) की लापरवाही के कारण यहां लगातार जान-माल का नुकसान हो रहा है।

डीसी ऋतुराज ने स्पष्ट किया कि घाटी में दुर्घटनाओं को पूरी तरह थामने के लिए अब हर 100 मीटर की दूरी पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। उन्होंने एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर को सख्त निर्देश देते हुए तीन दिनों के भीतर एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपने को कहा है। इस रिपोर्ट में यह साफ करना होगा कि घाटी में किस तरह काम किया जाएगा और हादसों को रोकने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाएंगे। एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने भी एनएचएआई के अधिकारियों को आड़े हाथों लिया और सभी समस्याओं का त्वरित समाधान बताने का निर्देश दिया, ताकि पुलिस प्रशासन भी यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने में सहयोग कर सके।

निरीक्षण के दौरान घाटी में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई बड़ी कमियां उजागर हुईं। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि भारी और तेज रफ्तार वाहनों को नियंत्रित करने के लिए एनएचएआई द्वारा सड़कों पर जो स्पीड ब्रेकर बनाए गए हैं, वे वैज्ञानिक तरीकों से विपरीत हैं, जिससे भारी वाहनों के ब्रेक फेल हो रहे हैं और यही हादसों की मुख्य वजह बन रहा है। अधिकारियों ने एनएचएआई को स्पीडोमीटर लगाने, पर्याप्त रोड लाइट की व्यवस्था करने, मजबूत डिवाइडर बनाने, बेहतर स्पीड ब्रेकर, रोड ले-बाई का निर्माण करने और सड़क के चौड़ीकरण सहित तकनीकी एलाइनमेंट को तुरंत सुधारने का निर्देश दिया।

पूरे निरीक्षण के दौरान डीसी और एसपी दोनों ही एनएचएआई की ढुलमुल कार्यशैली से खासे नाराज दिखे। जहां जिला प्रशासन के अधिकारी हादसों को रोकने के लिए तत्पर थे, वहीं एनएचएआई के अधिकारी केवल अपनी कमियां और शिकायतें गिनाते नजर आए। जिला प्रशासन ने साफ कर दिया है कि घाटी में सुरक्षा के लिए शॉर्ट टर्म और लॉन्ग टर्म योजनाओं पर तत्काल काम शुरू करना होगा। इस मौके पर रामगढ़ एसडीओ कृष्ण मुरारी तिर्की, डीटीओ राजेश एक्का, डीएसपी हेडक्वार्टर अकरम राजा सहित एनएचएआई के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

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