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आदिवासी क्षेत्रों में ग्रामसभा की अनुमति के बाद ही हो कार्य: आशा लकड़ा

चैनपुर (गुमला): राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) की सदस्य आशा लकड़ा शुक्रवार को चैनपुर प्रखंड पहुंचीं। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों के साथ जनसंवाद कर क्षेत्र की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कार्यक्रम में बिजली, पेयजल, सड़क, राशन, मोबाइल नेटवर्क, स्वास्थ्य, पलायन

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चैनपुर (गुमला): राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग (एनसीएसटी) की सदस्य आशा लकड़ा शुक्रवार को चैनपुर प्रखंड पहुंचीं। उन्होंने स्थानीय ग्रामीणों के साथ जनसंवाद कर क्षेत्र की समस्याओं को सुना और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कार्यक्रम में बिजली, पेयजल, सड़क, राशन, मोबाइल नेटवर्क, स्वास्थ्य, पलायन और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन जैसे कई महत्वपूर्ण मुद्दे उठे।

ग्रामीणों ने रखीं ये प्रमुख मांगें

ग्रामीणों ने आयोग सदस्य के समक्ष ब्लॉक चौक से चर्च रोड तक सड़क निर्माण, एमएलए रोड के किनारे नाली निर्माण, भटौली-छिछवानी-जनावलपाठ मुख्य सड़क की मरम्मत, छेरियाटंगरा से डोकापाठ तक जर्जर सड़क के पुनर्निर्माण तथा कातिंग पंचायत के जोबलापाठ और चितरपुर कोरवा टोली तक नई सड़क निर्माण की मांग रखी।

जल जीवन मिशन पर भी उठे सवाल

ग्रामीणों ने बताया कि कई जगहों पर जल जीवन मिशन के तहत बने जलमीनार खराब पड़े हैं, जिससे लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। इस पर आशा लकड़ा ने खराब जलमीनारों की शीघ्र मरम्मत और जरूरत वाले क्षेत्रों में नए जलमीनार स्थापित करने का निर्देश दिया।

पेट्रोल पंप संचालक के खिलाफ शिकायत

बैठक के दौरान चैनपुर के छतरपुर स्थित पेट्रोल पंप संचालक द्वारा कथित दुर्व्यवहार का मामला भी सामने आया। आयोग सदस्य ने संबंधित मामले में उचित जांच और आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिलाया।

ग्रामसभा की अनुमति के बिना नहीं होगा कार्य

आशा लकड़ा ने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में ग्रामसभा की अनुमति और नियमों का पालन अनिवार्य है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास कार्यों में कानून और संवैधानिक प्रावधानों का पूरी तरह पालन किया जाए।

बालू की समस्या पर प्रशासन को निर्देश

सरकारी योजनाओं में बालू की कमी से कार्य प्रभावित होने की शिकायत पर उन्होंने थाना प्रभारी और अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि सरकारी योजनाओं में किसी प्रकार की बाधा नहीं आनी चाहिए। जरूरत पड़ने पर नियमानुसार अनुमति देकर कार्य को सुचारु रखा जाए।

योजनाओं का लाभ गांव तक पहुंचना जरूरी

मीडिया से बातचीत में आशा लकड़ा ने कहा कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग का उद्देश्य जनजातीय समुदाय के अधिकारों की रक्षा करना है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाएं धरातल तक पहुंच रही हैं या नहीं, इसकी जानकारी लेने के लिए जनसंवाद आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ और अन्य योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र गांव तक पहुंचना चाहिए।

पलायन पर जताई चिंता

आशा लकड़ा ने कहा कि सबसे गंभीर विषय पलायन है। उन्होंने कहा कि बाहर काम करने जाने वाले प्रत्येक मजदूर का श्रम विभाग के माध्यम से अनिवार्य रजिस्ट्रेशन होना चाहिए। प्रशासन को यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि मजदूर सुरक्षित रूप से अपने कार्यस्थल तक पहुंचे और किसी मिडलमैन या दलाल के चंगुल में न फंसे।

उन्होंने कहा कि यदि श्रम विभाग और स्थानीय प्रशासन बेहतर समन्वय से काम करे तो मजदूर आर्थिक, सामाजिक, शारीरिक और मानसिक शोषण से बच सकते हैं।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर भी होगी कार्रवाई

आशा लकड़ा ने कहा कि डुमरी-चैनपुर क्षेत्र से जुड़े स्वास्थ्य संबंधी मामलों को आयोग राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के समक्ष उठाएगा। विभाग को नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी जाएगी। यदि संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई तो आयोग मामले की सुनवाई भी करेगा।

कार्यक्रम में रहे उपस्थित

इस अवसर पर डीडब्ल्यूओ आलोक रंजन, एसडीओ हरि उरांव, बीडीओ यादव बैठा, सीओ दिनेश कुमार, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, बीएसओ अरुण यादव, जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा, सांसद प्रतिनिधि अल्बर्ट तिग्गा, उप प्रमुख प्रमोद खलखो, मुखिया शोभा देवी, मधुरा मिंज, मनोहर बड़ाईक, यशवंत केशरी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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