Ranchi : जिले में पर्व-त्योहारों के बाद आयोजित जनता दरबार में सोमवार को उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री सख्त तेवर में नजर आए। इस दौरान बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याओं के समाधान के लिए पहुंचे, वहीं कई पदाधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही पर उपायुक्त ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शोकॉज नोटिस जारी करने और कई मामलों में जांच के आदेश दिए।
जनता दरबार में उपायुक्त ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं को सीधे सुनना और त्वरित एवं पारदर्शी समाधान सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता दरबार में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का समयबद्ध निष्पादन और रिपोर्टिंग सुनिश्चित करें, ताकि जनता को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़े।
दरबार में सुजाता सेन नामक महिला अपने कैंसर पीड़ित पति के इलाज के लिए पहुंचीं। उन्होंने बताया कि अस्पताल में आयुष्मान कार्ड से आगे का इलाज संभव नहीं बताया गया। इस पर उपायुक्त ने तत्काल सिविल सर्जन से बात कर मुख्यमंत्री गंभीर असाध्य रोग योजना के तहत इलाज प्रारंभ करने का निर्देश दिया और शहर अंचल अधिकारी को दस्तावेज संबंधी प्रक्रिया में सहयोग करने को कहा।
इसी दौरान, रातू अंचल अधिकारी रवि कुमार को म्यूटेशन के आदेश का पालन न करने पर शोकॉज किया गया। वहीं कांके अंचल के सतीनाथ महतो की दाखिल-खारिज अर्जी को अस्वीकार किए जाने के मामले में अपर समाहर्त्ता को जांच रिपोर्ट देने का आदेश दिया गया।
अनगड़ा अंचल में मनेश महतो ने कर्मचारी द्वारा परेशान किए जाने की शिकायत की, जिस पर उपायुक्त ने संबंधित कर्मचारी को शोकॉज करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, ईटकी अंचल में एक डीड पर दो जमाबंदी के मामले में भी जांच के आदेश जारी किए गए।
जनता दरबार में इस बार ऑनलाइन माध्यम से सभी अंचल अधिकारियों को जोड़ा गया, ताकि भूमि विवाद, नामांतरण, म्यूटेशन और प्रमाणपत्र निर्गमन जैसे मामलों का त्वरित समाधान किया जा सके। उपायुक्त भजन्त्री ने स्पष्ट कहा कि जनता दरबार का मकसद जनता की आवाज को सीधे सुनना और न्यायपूर्ण समाधान प्रदान करना है। इस दौरान राजस्व, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, भूमि विवाद, आवास, मनरेगा भुगतान और परिसंपत्ति हस्तांतरण से जुड़े कई मामलों को सुना गया और तत्काल कार्रवाई के आदेश दिए गए।




