रांची: राजधानी के अरगोड़ा थाना क्षेत्र में शनिवार को मुंबई पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए शातिर जालसाज जितेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया है। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर मुंबई ले जाया गया है, जहाँ पूछताछ के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। मूल रूप से गढ़वा का रहने वाला जितेंद्र सिंह डिजिटल दुनिया के जरिए अपराध का काला साम्राज्य चला रहा था।

डिजिटल सेंधमारी और फर्जीवाड़े का मास्टरमाइंड

पुलिस की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। आरोपी पर आरोप है कि उसने पंचायत सचिवालय के डेटाबेस में सेंध लगाकर संवेदनशील डेटा चोरी किया है। इतना ही नहीं, उसने अपना एक फर्जी मोबाइल एप भी विकसित कर रखा था। इस एप के जरिए वह फर्जी आधार कार्ड, मृत्यु प्रमाणपत्र और अन्य महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज तैयार कर लोगों को चूना लगाता था। प्रशासन के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि आरोपी ने सरकारी तंत्र की डिजिटल सुरक्षा में सेंध लगाने का तरीका ढूंढ लिया था।

जमीन कब्जाने और जालसाजी का पुराना इतिहास

जितेंद्र सिंह का अपराधों से पुराना नाता रहा है। जांच एजेंसियों के अनुसार, वह पहले भी फर्जी जमीनी कागजात बनाकर अवैध कब्जा करने और धोखाधड़ी के मामलों में कई बार जेल की हवा खा चुका है। मुंबई पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है, क्योंकि संदेह है कि इस फर्जीवाड़े के तार कई अन्य राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। इस गिरफ्तारी के बाद रांची और गढ़वा पुलिस भी आरोपी के स्थानीय संपर्कों की जांच कर रही है।

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