रांची: राजधानी रांची की गोंदा थाना पुलिस ने एक अंतर-जिला साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में गिरोह में शामिल एक नाबालिग को भी निरुद्ध (हिरासत में लिया) किया गया है। पकड़े गए अपराधी झारखंड के अलग-अलग जिलों से आकर रांची को अपना सुरक्षित ठिकाना बनाए हुए थे।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान काजल कुमार मंडल (नारायणपुर, जामताड़ा), आनंद कुमार (रामगढ़), बिक्की (ललपनिया, बोकारो) और शाकिब अंसारी (सौदागर मोहल्ला, रामगढ़) के रूप में हुई है। पुलिस ने इन अपराधियों के पास से भारी मात्रा में फर्जी बैंकिंग दस्तावेज और उपकरण बरामद किए हैं, जिनका इस्तेमाल ठगी की रकम को खपाने में किया जाता था। बरामद सामानों में विभिन्न बैंकों के 50 पासबुक, 26 डेबिट (एटीएम) कार्ड, 8 चेकबुक, 13 मोबाइल फोन और 3 पहचान पत्र शामिल हैं।
रांची के वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) राकेश रंजन ने शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में इस सफलता की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पुलिस को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि गोंदा थाना क्षेत्र के चांदनी चौक स्थित ‘रॉक व्यू अपार्टमेंट’ के एक फ्लैट में कुछ संदिग्ध युवक ठहरे हुए हैं, जिनकी गतिविधियां संदेहास्पद हैं।
इस सूचना के सत्यापन और त्वरित कार्रवाई के लिए सदर पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने पूरी गोपनीयता बरतते हुए रॉक व्यू अपार्टमेंट के उस फ्लैट में औचक छापेमारी की। इस दौरान मौके से पांच लोगों को रंगे हाथों पकड़ा गया। पुलिसिया पूछताछ में इन आरोपियों ने कबूल किया कि वे फर्जी दस्तावेजों के सहारे बड़े पैमाने पर साइबर ठगी के धंधे को अंजाम दे रहे थे।
एसएसपी राकेश रंजन ने बताया कि तलाशी के दौरान मिले फर्जी दस्तावेजों और बैंक खातों को लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो गिरोह के तौर-तरीकों का खुलासा हुआ। आरोपियों ने बताया कि वे फर्जी पहचान पत्रों का इस्तेमाल कर अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवाते थे। इन ‘किराए’ या फर्जी खातों (म्यूल अकाउंट्स) में ठगी की रकम मंगवाई जाती थी और तुरंत डेबिट कार्ड के जरिए निकाल ली जाती थी।
जांच में सबसे चौंकाने वाला खुलासा यह हुआ कि यह फ्लैट ‘निखिल भैया’ नामक एक व्यक्ति का है। निखिल इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड है, जो इन लड़कों को बाहर से रांची बुलाकर साइबर अपराध करने और पुलिस से बचने की बाकायदा ट्रेनिंग देता था। पुलिस ने इस संबंध में गोंदा थाने में मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस गिरोह के सरगना निखिल की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है, साथ ही इन खातों के जरिए देश भर में कितने लोगों को चूना लगाया गया है, इसका वित्तीय रिकॉर्ड खंगाला जा रहा है।



