रांची: राजधानी के व्यस्ततम खादगढ़ा बस स्टैंड में पिछले कुछ दिनों से मचे हड़कंप पर अब विराम लग गया है। पुलिस ने बसों में सिलसिलेवार आग लगाने वाले मुख्य आरोपित अर्जुन भोक्ता को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपित मूल रूप से रांची के सिकिदरी इलाके का रहने वाला है। ताज्जुब की बात यह है कि पुलिस ने उसके पास से एक माचिस की डिब्बी और एक लाइटर भी बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल वह बसों को फूंकने के लिए करता था।

CCTV फुटेज से मिली बड़ी लीड

रांची के सिटी एसपी पारस राणा ने प्रेस वार्ता के दौरान इस पूरे मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 1 फरवरी को स्टैंड में खड़ी छह बसों में अचानक भीषण आग लग गई थी, जिससे करोड़ों का नुकसान हुआ। इसके ठीक अगले दिन 2 फरवरी को टर्मिनल के सामने खड़ी एक सिटी बस को भी जलाने की कोशिश की गई, लेकिन सतर्कता के कारण समय रहते आग बुझा ली गई।

जब पुलिस ने इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, तो एक संदिग्ध व्यक्ति की हरकतें बेहद असामान्य दिखीं। वह शख्स हाथ में एक कपड़ा लेकर बस के भीतर घुसता और उसके निकलते ही बस धू-धू कर जलने लगती। जब 1 फरवरी की फुटेज से इसका मिलान किया गया, तो कड़ियाँ जुड़ती चली गईं।

घेराबंदी कर दबोचा गया अपराधी

फुटेज में हुलिए की पहचान होने के बाद पुलिस ने विशेष टीम गठित कर इलाके में घेराबंदी की। संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे अर्जुन भोक्ता को जब पकड़ा गया, तो उसने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। फिलहाल पुलिस उससे गहन पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने ऐसा किसी रंजिश के चलते किया या फिर वह किसी बड़े गिरोह के इशारे पर काम कर रहा था। इस गिरफ्तारी के बाद बस संचालकों और यात्रियों ने राहत की सांस ली है।

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