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“सुनियोजित तरीके से काटे जा रहे योग्य वोटर्स के नाम” : चुनाव आयोग पर बरसे कांग्रेस अध्यक्ष

रांची: झारखंड में होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर सूबे की सियासत गरमा गई है। झारखंड कांग्रेस ने चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। मंगलवार को रांची स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय

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रांची: झारखंड में होने वाले विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर सूबे की सियासत गरमा गई है। झारखंड कांग्रेस ने चुनाव आयोग (ECI) की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए बेहद संगीन आरोप लगाए हैं। मंगलवार को रांची स्थित कांग्रेस प्रदेश मुख्यालय में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि चुनाव आयोग मतदाता सूची से योग्य लोगों के नाम हटाकर सीधे तौर पर “मतदाता चोरी” (वोट चोरी) के अभियान में लगा है।

पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस मूल रूप से एसआईआर (Special Intensive Revision) प्रक्रिया का स्वागत करती है, लेकिन जिस तरह से इसे जमीन पर लागू किया जा रहा है, उस कार्यशैली पर पार्टी को सख्त आपत्ति है।

सुनियोजित तरीके से नाम काटने का दावा

केशव महतो कमलेश ने लोकतांत्रिक मूल्यों का हवाला देते हुए कहा कि हर पात्र नागरिक को मतदान का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि देश में एसआईआर के पहले दो चरणों (विशेषकर पश्चिम बंगाल और बिहार) में करीब छह करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जा चुके हैं और अगले चरण में चार करोड़ और नाम काटे जाने की आशंका है। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पहले तकनीकी गलतियों से नाम कटते थे, लेकिन अब सुनियोजित तरीके से योग्य नागरिकों के नाम छांटे जा रहे हैं।

इस ‘वोट चोरी’ को रोकने के लिए कांग्रेस ने पूरे राज्य में मोर्चा संभाल लिया है। राज्य के कुल 29 हजार बूथों में से अब तक 17,281 बूथ लेवल एजेंट (BLA) तैनात किए जा चुके हैं। कमलेश ने बताया कि राज्य के करीब 2 करोड़ 64 लाख मतदाताओं की मैपिंग की जानी है, जिसमें से अभी भी 70 लाख मतदाताओं की मैपिंग बाकी है।

महंगाई, नीट पेपर लीक और जातिगत जनगणना पर घेरा

प्रेस वार्ता में मौजूद कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने केंद्र सरकार और भाजपा को चौतरफा घेरा। उन्होंने कहा कि महज पांच दिनों में पेट्रोलियम पदार्थों के दाम दो बार बढ़ा दिए गए, जिससे जनता त्रस्त है और रुपये का लगातार अवमूल्यन हो रहा है। इसके अलावा, उन्होंने 2024 के नीट (NEET) पेपर लीक मामले का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि संसदीय समिति के सुझावों को दरकिनार कर शैक्षणिक संस्थानों के उच्च पदों पर एक खास विचारधारा (संघ) से जुड़े लोगों को बैठाया जा रहा है।

जातिगत जनगणना को समाज का “एक्सरे” बताते हुए प्रदीप यादव ने केंद्र से सवाल किया कि यदि सरकार इसे नहीं मानती, तो मकान गणना के 12वें कॉलम में मकान मालिक की जाति का उल्लेख क्यों कराया जा रहा है? उन्होंने चेतावनी दी कि बिहार और बंगाल जैसी स्थिति वे झारखंड में पैदा नहीं होने देंगे। इस दौरान राकेश सिन्हा, सोनाल शांति सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।

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