Koderama News: जब भक्ति में सेवा जुड़ जाए और संस्कारों के साथ समाज के प्रति दायित्व निभाया जाए, तब ऐसा आयोजन जन्म लेता है जो मन को प्रसन्नता और आत्मा को शांति प्रदान करता है। ऐसा ही अनुपम दृश्य गुरु कृपा शांति भवन में देखने को मिला, जहाँ श्रद्धालु महिलाओं ने गुरु नारायणी माता का जन्मोत्सव पूर्ण श्रद्धा, भक्ति भाव और सेवा संकल्प के साथ मनाया।कार्यक्रम के दौरान 108 बार गुरु चालीसा का पाठ किया गया। चोपाइयों की गूंज से पूरा गुरु कृपा शांति भवन गुरु कृपा और आध्यात्मिक ऊर्जा से गुंजायमान हो उठा। इस अवसर पर श्रद्धालु भक्तों ने कहा कि मानव जीवन में गुरु का स्थान सर्वोपरि है। एक गुरु हमें शिक्षा देता है, माता-पिता जीवन जीने की कला, बोलना, चलना और व्यवहार सिखाते हैं, लेकिन संस्कार और आत्मिक कल्याण के लिए भक्ति गुरु अनिवार्य हैं। गुरु के बिना जीवन की दिशा अधूरी रह जाती है। जन्मोत्सव के उपरांत श्रद्धालु महिलाएँ यदुटांड स्थित कोडरमा गौशाला पहुँचीं, जहाँ गौ सेवा कर पुण्य अर्जित किया। इस दौरान एक वर्ष तक एक गाय को प्रतिदिन दो रोटी खिलाने का संकल्प लिया गया तथा उसकी राशि भी समर्पित की गई। श्रद्धालुओं ने कहा कि गौ सेवा ही सच्ची सेवा है, जिससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा और करुणा का विकास होता है।गुरु माता के जन्मदिवस के अवसर पर अड्डी बंगला रोड स्थित वृद्ध आश्रम में निवास कर रहे वृद्धजनों के लिए गरम वस्त्र उपलब्ध कराए गए। श्रद्धालुओं ने कहा कि वृद्ध समाज की अमूल्य धरोहर होते हैं और उनकी सेवा ही गुरुजनों की सच्ची शिक्षा है, जो हमें मानवता का पाठ पढ़ाती है।
कार्यक्रम के सभी स्थलों पर भजन-कीर्तन की मधुर प्रस्तुतियाँ दी गईं और नए वर्ष में जिलेवासियों की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की गई।
इस पावन अवसर पर सुनीली एकघरा, शारदा गुप्ता, प्रेमलता देवी, रेखा एकघरा, दीपा गुप्ता, अनीता भदानी, मुन्नी देवी, सारिका भदानी, प्रतिमा बरनवाल, रेणु तरवे सहित दर्जनों श्रद्धालु भक्त उपस्थित रहे।
गुरु भक्ति, सेवा और संवेदना से सजा यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि समाज को सेवा, संस्कार और करुणा का संदेश देकर सभी के मन को आनंद से भर गया।



