Koderma News (Public Adda): कोडरमा जिले का सदर अस्पताल एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शुक्रवार को यहां इलाज कराने पहुंचे बिहार के नवादा जिले के हरदिया निवासी सुरेश मांझी की मौत के बाद अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। मृतक की पत्नी ने बताया कि सुरेश पिछले तीन दिनों से सर्दी, खांसी और बुखार से पीड़ित थे। इसी कारण उन्हें इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया था।

परिजनों के मुताबिक, डॉक्टर ने सुरेश को भर्ती करने की सलाह तो दी, लेकिन भर्ती होने के बाद किसी डॉक्टर या नर्स ने उनकी सुध तक नहीं ली। देर शाम उनकी हालत बिगड़ने लगी तो पत्नी मदद के लिए इमरजेंसी विभाग पहुंची। वहां से एक एएनएम आई और इंजेक्शन लगाया, लेकिन महज पांच मिनट के अंदर ही सुरेश की मौत हो गई।

मौत की खबर फैलते ही परिजन और अन्य मरीजों के परिवारजन आक्रोशित हो गए। इमरजेंसी वार्ड में मौजूद स्वास्थ्यकर्मियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए परिजन हंगामा करने लगे। बताया जा रहा है कि इंजेक्शन लगाने वाली एएनएम को भी स्टाफ ने मौके से भगा दिया।

स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि सदर अस्पताल में लगातार लापरवाही की शिकायतें मिल रही हैं, लेकिन उस पर कोई कार्रवाई नहीं होती। वहीं अस्पताल के अंदर सिविल सर्जन और उपाधीक्षक के बीच वित्तीय पावर को लेकर विवाद भी चल रहा है, जिससे व्यवस्था और बिगड़ती जा रही है।

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