Bokaro : झारखंड पुलिस के अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने बोकारो जिले से गायब तीन नागरिकों को ढूंढने के लिए देशभर में ‘ह्यू एंड क्राई’ (Hue and Cry) नोटिस जारी किया है। CID के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी) मनोज कौशिक ने 25 जुलाई 2026 को मेमो संख्या-483/DCB जारी कर राज्य के सभी जोनल आईजी, रेंज डीआईजी और जिला पुलिस अधीक्षकों को तुरंत जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।
इस नोटिस के जारी होने के बाद अब देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के पुलिस थानों, आउटपोस्ट और बीट हाउसों में इन लापता लोगों की जानकारी पहुंचाई जाएगी, जिससे अन्य राज्यों की पुलिस भी इन्हें खोजने में मदद कर सके।
किन तीन लोगों की हो रही है तलाश?
मुत्री देवी (65 वर्ष): बोकारो के गोमिया थाना क्षेत्र की रहने वाली मुत्री देवी, बुद्धन गोप की पत्नी हैं। उनकी लंबाई 5 फीट 2 इंच और रंग गेहुंआ है। गायब होने के समय उन्होंने पीली साड़ी और नीला ब्लाउज पहना हुआ था। इस संबंध में 8 मार्च 2026 को गोमिया थाना में बीएनएस की धारा 137(2) के तहत केस दर्ज किया गया था।
कंचन देवी (46 वर्ष): बेरमो के गांधी नगर ओपी क्षेत्र की रहने वाली कंचन देवी, धनुषधारी सोनार की पुत्री और जितेंद्र कुमार सोनी की पत्नी हैं। 5 फीट लंबी और गेहुंआ रंग की कंचन देवी ने लापता होने के दौरान तोते (पैरट) रंग की नाइटी पहनी थी। इस मामले में 27 सितंबर 2020 को गांधी नगर ओपी में धारा 341/323/498(ए)/364/34 के तहत मामला दर्ज हुआ था।
गिरिश पासवान (64 वर्ष): स्वर्गीय रामधनी पासवान के पुत्र गिरिश पासवान भी बेरमो के गांधी नगर ओपी क्षेत्र के निवासी हैं। 5 फीट 4 इंच लंबे और गेहुंआ रंग वाले गिरिश ने गायब होने के समय नीली शर्ट और काली पैंट पहनी थी। 7 नवंबर 2020 को गांधी नगर ओपी में धारा 364 के तहत इनका मामला दर्ज किया गया था।

जनता से सहयोग की अपील
सीआईडी ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी व्यक्ति को इनके बारे में कोई भरोसेमंद जानकारी मिलती है, तो वे तुरंत अपने नजदीकी पुलिस थाने या झारखंड सीआईडी मुख्यालय को सूचित करें। पुलिस का मानना है कि आम जनता की सतर्कता और सहयोग से लापता लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित खोजा जा सकता है।
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क्या होता है ‘ह्यू एंड क्राई’ नोटिस?
‘ह्यू एंड क्राई’ नोटिस की शुरुआत कॉमन लॉ से हुई है, जहाँ पुराने समय में किसी अपराध की स्थिति में लोग शोर मचाकर एक-दूसरे से मदद मांगते थे। आज के समय में पुलिस फरार अपराधियों, संदिग्धों या लापता लोगों का पता लगाने के लिए यह नोटिस जारी करती है, जिसमें संबंधित व्यक्ति की तस्वीर और पहचान से जुड़ी जानकारी साझा की जाती है। इससे पहले भी रांची से अगवा हुए दो मासूम बच्चों, अंश और अंशिका को इसी नोटिस और एक नागरिक की सूचना के आधार पर रामगढ़ से सही-सलामत छुड़ाया गया था।




