Beijing, (China): चीनी वैज्ञानिकों ने रक्षा तकनीक के क्षेत्र में एक ऐसी क्रांतिकारी सफलता हासिल की है, जो भविष्य के अंतरिक्ष युद्धों की पूरी परिभाषा बदल सकती है। बीजिंग के शोधकर्ताओं ने दुनिया का सबसे छोटा और शक्तिशाली हाई-पावर माइक्रोवेव ऊर्जा जनरेटर विकसित किया है। इस हथियार को विशेष रूप से एलन मस्क के ‘स्टारलिंक’ जैसे विशाल सैटेलाइट नेटवर्क को निष्क्रिय करने के लिए डिजाइन किया गया है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह अंतरिक्ष में बिना कोई भौतिक मलबा या कचरा फैलाए दुश्मन के उपग्रहों को पूरी तरह बेकार करने में सक्षम है।
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‘नॉर्थवेस्ट इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी’ द्वारा विकसित इस हथियार को तकनीकी भाषा में TPG 1000CS नाम दिया गया है। आकार के मामले में यह बेहद कॉम्पैक्ट है—इसकी लंबाई मात्र 4 मीटर और वजन केवल 5 टन है। अपने हल्के वजन और छोटे आकार की वजह से इसे आसानी से ट्रकों, लड़ाकू विमानों या अन्य उपग्रहों पर फिट किया जा सकता है। यह हथियार अपने भीतर से विनाशकारी सूक्ष्म तरंगें (Microwaves) छोड़ता है, जो उपग्रहों के भीतर लगे संवेदनशील इलेक्ट्रॉनिक सर्किट को तुरंत जला देती हैं।
तकनीकी रूप से इस हथियार में ‘मिडिल 7131’ नामक एक विशेष तरल इन्सुलेटिंग सामग्री का इस्तेमाल किया गया है, जो ऊर्जा भंडारण क्षमता को बढ़ाती है और पावर लॉस को न्यूनतम करती है। चीन ने यह कदम रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान स्टारलिंक के प्रभावी सैन्य इस्तेमाल को देखते हुए उठाया है। चीनी विशेषज्ञों का मानना है कि पारंपरिक मिसाइलों से उपग्रहों को मार गिराना जोखिम भरा है, क्योंकि उससे पैदा होने वाला मलबा खुद चीन के उपग्रहों के लिए खतरा बन सकता है। ऐसे में यह माइक्रोवेव तकनीक चीन को ‘साइलेंट किलर’ के रूप में अंतरिक्ष में बड़ी बढ़त दिला सकती है।



