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रांची: राजधानी रांची में हर वर्ष की तरह इस बार भी शिया समुदाय द्वारा हज़रत इमाम हुसैन (अ.स.) और कर्बला के अन्य शहीदों की याद में चेहल्लुम (अरबईन) का मातमी जुलूस निकाला जाएगा। कर्बला की ऐतिहासिक शहादत और इमाम हुसैन की याद में मुहर्रम की 10वीं तारीख (आशूरा) के ठीक 40 दिन बाद, सफर महीने की 20 तारीख यानी आगामी 4 अगस्त 2026 (मंगलवार) को यह जुलूस निकाला जाना तय हुआ है। यह जानकारी आयोजन समिति के सदस्य सैयद फ़राज़ अब्बास ने प्रेस को दी।
अनवर आर्केड से शुरू होकर कर्बला चौक तक जाएगा जुलूस
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, मातमी जुलूस 4 अगस्त को सुबह ठीक 10 बजे मेन रोड, विश्वकर्मा मंदिर लेन स्थित एडवोकेट सैयद यावर हुसैन के आवास ‘अनवर आर्केड’ से प्रारंभ होगा। यहाँ से आगे बढ़ते हुए जुलूस मेन रोड, अंजुमन प्लाज़ा चौक, उर्दू लाइब्रेरी, डेली मार्केट, ओल्ड टैक्सी स्टैंड, हनुमान मंदिर (गांधी चौक), काली मंदिर चौक, चर्च रोड, विक्रांत चौक होते हुए पारंपरिक मार्ग से गुजरकर अंत में कर्बला चौक स्थित कर्बला मैदान पहुंचकर संपन्न होगा। इस दौरान शिया अकीदतमंद मातम और नौहाख्वानी कर कर्बला के शहीदों को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।
नोएडा के प्रसिद्ध धर्मगुरु मौलाना गुलाम अली नकवी करेंगे संबोधित
जुलूस की शुरुआत से पहले अनवर आर्केड परिसर में एक विशेष ‘मजलिस-ए-अरबईन’ का आयोजन किया जाएगा। इस मजलिस को संबोधित करने के लिए उत्तर प्रदेश के नोएडा से सुप्रसिद्ध शिया धर्मगुरु मौलाना सैयद गुलाम अली नकवी रांची पधार रहे हैं। इसके अलावा, चर्च रोड स्थित मस्जिद-ए-जाफ़रिया में भी 26 जुलाई से 4 अगस्त 2026 तक चलने वाली दस दिवसीय ‘मजलिस-ए-चेहल्लुम’ का आयोजन होगा। हर दिन रात 8 बजे आयोजित होने वाली इन मजलिसों में भी मौलाना सैयद गुलाम अली नकवी अपने बयानों के जरिए कर्बला के पैगाम और हजरत इमाम हुसैन के सब्र व बलिदान पर प्रकाश डालेंगे।
रांची के विभिन्न इलाकों में सजेंगी मजलिसें
चेहल्लुम के इस पावन और गमगीन अवसर पर रांची के विभिन्न शिया बाहुल्य इलाकों, विशेष रूप से हिंदपीढ़ी और अंजुमन कॉलोनी में सफर महीने की 17 से 19 तारीख (1 अगस्त से 3 अगस्त 2026) तक कई छोटी-बड़ी मजलिसों का दौर चलेगा। इन धार्मिक सभाओं में बड़ी संख्या में स्थानीय अकीदतमंद और शिया समुदाय के लोग जुटेंगे। प्रशासन और समाज के प्रबुद्ध लोगों से अपील की गई है कि वे इस शांतिपूर्ण मातमी जुलूस को सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में सहयोग दें।

