Ranchi : प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने केंद्र सरकार पर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) को कमजोर करने का गंभीर आरोप लगाया है। शनिवार को रांची स्थित पार्टी कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बिना किसी व्यापक चर्चा और विपक्ष को विश्वास में लिए मनरेगा के मूल स्वरूप में बदलाव कर दिया है, जो लोकतांत्रिक परंपराओं के विपरीत है।

कमलेश ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के कार्यकाल में करीब 20 वर्ष पूर्व संसद से सर्वसम्मति से मनरेगा कानून पारित किया गया था। यह एक क्रांतिकारी सामाजिक सुरक्षा योजना थी, जिसने करोड़ों ग्रामीण परिवारों विशेषकर गरीब, वंचित, श्रमिक और भूमिहीन वर्ग को सम्मानजनक रोज़गार और आजीविका का सहारा दिया।

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उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान केंद्र सरकार ने मनरेगा पर “बुलडोजर” चलाने का काम किया है। न केवल इस योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाया गया, बल्कि इसके ढांचे और उद्देश्य में भी बिना विचार-विमर्श किए बदलाव कर दिए गए। कमलेश ने कहा कि मनरेगा किसी एक राजनीतिक दल की योजना नहीं, बल्कि यह देशहित और जनहित से जुड़ा कानून है, जिसे कमजोर करना करोड़ों किसानों और ग्रामीण मजदूरों के अधिकारों पर सीधा हमला है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस हमेशा से समाज के वंचित, गरीब और श्रमिक वर्गों की आवाज रही है और मनरेगा से जुड़े किसी भी बदलाव का पार्टी सड़क से लेकर सदन तक विरोध करेगी। उन्होंने बताया कि इसी मुद्दे को लेकर 21 दिसंबर को राज्य के सभी जिला मुख्यालयों में व्यापक धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे।

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