Ranchi : फेडरेशन ऑफ झारखंड चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज और रांची सीए सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में बुधवार को चेंबर भवन में कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) का आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नियोक्ताओं और उद्योग जगत को ईएसआईसी के विशेष रजिस्ट्रेशन अभियान स्प्री के बारे में जागरूक करना था।
कर्मचारी राज्य बीमा निगम, श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार के तहत संगठित क्षेत्र के उन श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा देता है जिनकी मासिक आय 21 हजार रुपये या उससे कम है। ईएसआईसी उनके साथ-साथ उनके आश्रितों को भी चिकित्सा, बीमा, मातृत्व लाभ और अन्य सुरक्षा कवच प्रदान करता है।
कार्यक्रम के दौरान बीमा आयुक्त प्रणय सिन्हा ने स्प्री योजना की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 1 जुलाई 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक चलने वाली इस पहल के तहत किसी भी नियोक्ता को रजिस्ट्रेशन के लिए कोई दस्तावेज़ जमा नहीं करना होगा। इतना ही नहीं, पिछले पांच वर्षों की किसी भी तरह की देनदारी इस योजना के अंतर्गत नहीं आएगी। इससे नियोक्ताओं को पुराने बकायों और कानूनी प्रक्रियाओं की जटिलताओं से राहत मिलेगी। उन्होंने सभी नियोजकों से समय पर रजिस्ट्रेशन कराने की अपील की।
चेंबर अध्यक्ष आदित्य मल्होत्रा ने इस अभियान को नियोक्ताओं और श्रमिकों दोनों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उन्होंने कहा कि स्प्री अभियान व्यापारियों को आत्मनिर्भर और सुरक्षित वातावरण प्रदान करेगा, जबकि श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा तंत्र से जोड़ने में यह बड़ी भूमिका निभाएगा। उन्होंने ईएसआईसी टीम का आभार व्यक्त किया कि उन्होंने व्यापार जगत को जागरूक करने हेतु यह महत्वपूर्ण कार्यक्रम आयोजित किया।
चेंबर की श्रम एवं ईएसआईसी उप समिति के चेयरमैन प्रमोद सारस्वत ने कहा कि यह अभियान उद्योग तथा श्रमिक, दोनों के हितों को मजबूती देगा। उन्होंने नियोक्ताओं से आग्रह किया कि वे समय पर रजिस्ट्रेशन कराकर भविष्य की जटिलताओं से बचें।
रांची सीए सोसाइटी के अध्यक्ष प्रवीण सिन्हा ने कहा कि सीए सोसाइटी आगे भी ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से व्यापारियों और उद्योगपतियों को मार्गदर्शन देती रहेगी ताकि नीतियों को समझना और अनुपालन करना सरल बने।
कार्यक्रम में ईएसआईसी के क्षेत्रीय निदेशक राजीव रंजन सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे और नियोक्ताओं के प्रश्नों का समाधान किया। इस अवसर पर चेंबर और सीए सोसाइटी के प्रतिनिधि, उद्योगपति, 50 से अधिक सीए और व्यापारी मौजूद थे।



