चैनपुर (गुमला): चैनपुर थाना क्षेत्र में अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इन घटनाओं ने जहां एक ओर सड़क सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, वहीं दूसरी ओर चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की लचर व्यवस्था और डॉक्टरों की अनुपस्थिति ने प्रशासन के दावों की हवा निकाल दी है।
पहली घटना- आधार अपडेट कराकर लौट रही महिला को बाइक ने मारी टक्कर
जारी प्रखंड के रुद्रपुर निवासी रवीना देवी 32 वर्ष, पति आनंद सिंह, अपने दो बच्चों साक्षी कुमारी 5 वर्ष और बलबीर सिंह 2 वर्ष के साथ आधार कार्ड अपडेट कराने चैनपुर आई थीं। काम पूरा करने के बाद जब वह बस स्टैंड के समीप अपनी स्कूटी पर बैठने जा रही थीं, तभी बजाज पल्सर संख्या जेएच01बीआर 2234 ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। दुर्घटना के बाद ग्रामीणों ने चालक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह चकमा देकर मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। घायल रवीना देवी के कमर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके बाद उन्हें स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
दूसरी घटना- शादी से लौट रहा युवक घायल, वनकर्मियों ने पहुंचाया अस्पताल
दूसरी घटना चैनपुर अनुमंडल के समीप घटी, जहां दत्तरा ग्राम निवासी मोहित कुजूर (20 वर्ष), पिता राकेश कुजूर, एक शादी समारोह से लौट रहे थे। इसी दौरान उनकी बाइक दुर्घटनाग्रस्त हो गई। गुमला से चैनपुर की ओर आ रहे वनकर्मियों ने घायल युवक को देखा और मानवता दिखाते हुए उसे तत्काल चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। युवक की नाजुक स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए गुमला रेफर कर दिया गया।
स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवालकागजों में 24/7, धरातल पर डॉक्टर नदारद
इन हादसों ने चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की पोल खोल कर रख दी है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शाम ढलते ही अस्पताल से डॉक्टर गायब हो जाते हैं। सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी के स्पष्ट आदेश हैं कि चैनपुर सीएचसी में 24 घंटे डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, लेकिन हकीकत में यहां मरीजों को भगवान भरोसे छोड़ दिया जाता है। दुर्घटना के बाद समय पर डॉक्टर न मिलने से ग्रामीणों में भारी रोष है। लोगों का कहना है कि सरकार के ‘बेहतर स्वास्थ्य सेवा’ के दावे जमीनी स्तर पर पूरी तरह विफल साबित हो रहे हैं।
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