Chaibasa News: पश्चिमी सिंहभूम जिले के चाईबासा में क्रिसमस का पर्व पूरे धार्मिक उल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ मनाया गया। गुरुवार सुबह शहर के मुख्य रोमन कैथोलिक चर्च में श्रद्धालुओं का ऐसा सैलाब उमड़ा कि चर्च परिसर छोटा पड़ गया। कड़ाके की ठंड के बावजूद बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों का उत्साह चरम पर था। हर चेहरा मुस्कान और ‘बड़ा दिन’ की खुशी से दमक रहा था।

हिंदी और ‘हो’ भाषा में गूंजी विशेष मिस्सा; पल्ली पुरोहित ने दिया मानवता का संदेश

इस पावन अवसर पर चर्च में विशेष मिस्सा पूजा का आयोजन किया गया। पल्ली पुरोहित निकोलस केरकेट्टा ने हिंदी भाषा में और सहायक पल्ली पुरोहित अगस्टिन कुल्लु ने स्थानीय ‘हो’ भाषा में प्रार्थना संपन्न कराई। यह विविधता इस क्षेत्र की अनूठी संस्कृति और श्रद्धा को दर्शाती है। अपने संबोधन में पुरोहितों ने कहा कि प्रभु यीशु का जन्म मानवता को पापों से मुक्ति दिलाने और प्रेम का संचार करने के लिए हुआ था। उन्होंने अपील की कि हम केवल उत्सव न मनाएं, बल्कि ईसा मसीह के बताए करुणा और दया के मार्ग पर भी चलें।

भजन की मधुर धुनों पर झूमे भक्त; सेल्फी और तस्वीरों का रहा क्रेज

पूजा के दौरान सिस्टर नीलिमा और कॉन्वेंट की सिस्टरों ने जब हिंदी और ‘हो’ भाषा में मधुर भजन प्रस्तुत किए, तो पूरा चर्च परिसर भक्तिमय संगीत से सराबोर हो गया। प्रार्थना सभा के बाद लोगों ने चर्च के बाहर सजी सुंदर ‘चरनी’ और क्रिसमस ट्री के पास जाकर तस्वीरें खिंचवाईं। युवाओं में सेल्फी का जबरदस्त क्रेज देखा गया। इससे पूर्व बुधवार मध्य रात्रि ठीक 12 बजे जैसे ही चर्च की घंटी गूंजी, आसमान ‘मैरी क्रिसमस’ के जयकारों से गूंज उठा और आतिशबाजी के साथ प्रभु के आगमन का स्वागत किया गया।

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