Ghatshila : मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) के. रवि कुमार ने रविवार को घाटशिला अनुमंडल सभागार में 45–घाटशिला (अ.ज.जा.) विधानसभा उप निर्वाचन 2025 की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में उन्होंने सभी वरीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि प्रत्येक मतदान केंद्र को मॉडल बूथ के रूप में विकसित किया जाए तथा बिजली, पानी, रैंप, व्हीलचेयर जैसी एश्योर्ड मिनिमम फैसिलिटीज़ (AMF) हर बूथ पर उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि भारत निर्वाचन आयोग द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाए और हर कार्य जीरो एरर के साथ संपादित हो। निर्वाचन प्रक्रिया के हर चरण के लिए निर्धारित मॉड्यूल एवं एसओपी के अनुसार कार्य किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को प्रशिक्षण देने पर विशेष बल देते हुए कहा कि निर्वाचन कार्य में किसी प्रकार की त्रुटि या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि सोशल मीडिया पर आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन की घटनाओं पर कड़ी नजर रखी जाए। इस संबंध में सोशल मीडिया प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उन्हें “क्या करें और क्या न करें” की स्पष्ट जानकारी दी जाए।
उन्होंने कहा कि उपचुनाव में ऐसे दिव्यांग मतदाता जिनकी संख्या 40 प्रतिशत से अधिक है तथा 85 वर्ष से ऊपर के वरिष्ठ नागरिक, उनकी इच्छा अनुसार मतदान की विशेष व्यवस्था की जाए। ऐसे मतदाता जो घर से मतदान करना चाहते हैं, वे ECInet पोर्टल के सक्षम ऐप या बीएलओ के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। वहीं, जो मतदाता स्वयं मतदान केंद्र पर जाना चाहते हैं, उनके लिए वाहन, व्हीलचेयर, रैंप और वोलेंटियर की सुविधा सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने स्वीप कार्यक्रम (SVEEP Programme) की महत्ता पर भी बल दिया और कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य मतदाताओं को शिक्षित व प्रेरित करना है ताकि मतदान प्रतिशत में वृद्धि हो सके। उन्होंने कम मतदान वाले क्षेत्रों में विशेष स्वीप अभियान चलाने के निर्देश दिए।
समीक्षा बैठक में आईजी ऑपरेशन माइकल राज, डीसी कर्ण सत्यार्थी, एसएसपी पीयूष पांडेय, डीआईजी कोल्हान अनुरंजन किस्पोट्टा, संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी सुबोध कुमार, देव दास दत्ता, तथा घाटशिला विधानसभा क्षेत्र के ईआरओ, एईआरओ सहित जिला प्रशासन के कई वरीय अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अंत में कहा कि सभी चेकपोस्टों की निगरानी कड़ी की जाए और अवैध शराब, नकदी व आपराधिक गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए ताकि उपचुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो सके।



