रांची: दी इंस्टिट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की ओर से मई 2026 में आयोजित की गई सीए (CA) फाउंडेशन परीक्षा का परिणाम शुक्रवार को घोषित कर दिया गया है। इस बार परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों का सफलता प्रतिशत 20.09 रहा। देश भर में आयोजित इस प्रतिष्ठित परीक्षा में हजारों छात्रों ने अपनी किस्मत आजमाई थी, जिसमें से कई होनहारों ने शीर्ष स्थान प्राप्त कर अपने परिवार और शहर का नाम रोशन किया है। यह परीक्षा देशभर के कुल 609 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी, जिसमें कुल 1,06,411 परीक्षार्थी सम्मिलित हुए थे।
अखिल भारतीय स्तर (All India Level) पर इस बार बेटियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। नासिक की साक्षी जैन ने 400 में से कुल 371 अंक हासिल कर पूरे देश में प्रथम स्थान (All India Rank 1) प्राप्त किया है। वहीं, चंद्रपुर के अयान अब्बास अजानी ने 367 अंकों के साथ देश में दूसरा और पुणे की राधा उन्मेष मुलाय ने 365 अंकों के साथ तीसरा स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है।
अगर झारखंड की राजधानी रांची की बात करें तो यहां के विद्यार्थियों का प्रदर्शन भी बेहद सराहनीय रहा। रांची परीक्षा केंद्र से इस बार कुल 548 परीक्षार्थी परीक्षा में बैठे थे, जिनमें से 81 अभ्यर्थियों ने सफलता का परचम लहराया। रांची केंद्र में ईशा पोद्दार ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 368 अंक प्राप्त किए और वे शहर की टॉपर बनीं। इसके अलावा अनुष्का केशरी ने 266 अंकों के साथ दूसरा और सूरज अग्रवाल ने 260 अंकों के साथ रांची केंद्र में तीसरा स्थान हासिल किया।
रांची शाखा के अध्यक्ष सीए अनीश जैन, उपाध्यक्ष सीए विवेक खोवाल, सचिव सीए दिलीप कुमार, कोषाध्यक्ष सीए हरेन्दर भारती और कार्यकारिणी सदस्य सीए अभिषेक केडिया, सीए भुवनेश ठाकुर एवं सीए निशांत मोदी ने सभी सफल विद्यार्थियों को इस बड़ी उपलब्धि पर बधाई दी है। उन्होंने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए आगामी सीए इंटरमीडिएट परीक्षा के लिए अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
शाखा के पदाधिकारियों ने कहा कि यह सफलता विद्यार्थियों के कड़े परिश्रम, अनुशासन और अटूट समर्पण का ही सुखद परिणाम है। यह गौरवपूर्ण पल रांची शाखा के लिए भी बेहद खास है। वहीं, सीए फाउंडेशन के सभी सफल परीक्षार्थियों को बधाई देते हुए आईसीएआई के प्रेसिडेंट सीए प्रसन्ना कुमार डी ने कहा कि यह सफलता आपके चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनने की गौरवपूर्ण यात्रा का पहला और बेहद महत्वपूर्ण पड़ाव है।




