गुमला /चैनपुर:-चैनपुर प्रखंड के सदान बुकमा गांव के ग्रामीणों के लिए शुक्रवार का दिन किसी त्योहार से कम नहीं रहा। बीते छह महीनों से अंधेरे में डूबे इस हाथी प्रभावित गांव में आखिरकार बिजली आपूर्ति बहाल हो गई। जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा की पहल पर गांव में नया बिजली ट्रांसफार्मर स्थापित किया गया, जिसके बाद बिजली लौटते ही ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई।
बुकमा गांव एक अति संवेदनशील हाथी प्रभावित क्षेत्र है। बिजली बाधित रहने के कारण शाम होते ही ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ जाती थीं। अंधेरे में हाथियों की आवाजाही से जान-माल का खतरा बना रहता था, वहीं बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को भी काफी परेशानी झेलनी पड़ रही थी। लंबे समय से बिजली ठप रहने से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया था।
ग्रामीणों ने इस गंभीर समस्या से जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा को अवगत कराया था। समस्या की गंभीरता को देखते हुए उन्होंने इसे प्राथमिकता में लिया और विभागीय स्तर पर त्वरित पहल करते हुए गांव के लिए नया ट्रांसफार्मर उपलब्ध कराया।
इस अवसर पर मेरी लकड़ा ने कहा कि बुकमा गांव में महीनों से बिजली ठप थी और यह इलाका हाथियों के आवागमन के लिहाज से बेहद संवेदनशील है। ऐसे में यहां बिजली बहाल होना ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए जरूरी था। ट्रांसफार्मर लगने से अब ग्रामीणों को बड़ी राहत मिली है।
ट्रांसफार्मर स्थापना के मौके पर सुशील लकड़ा, जितेंद्र नगेसिया, वीरेंद्र नगेसिया, कमी नगेसिया, जगतपाल नगेसिया और मनोज एक्का सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे। सभी ने जिला परिषद सदस्य का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि अब वे हाथियों के भय से काफी हद तक सुरक्षित महसूस करेंगे।



