Nawada: बिहार के नवादा जिले के रजौली प्रखंड कार्यालय परिसर में सोमवार को उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब आधार कार्ड में सुधार कराने आए नागरिकों से अवैध रूप से तीन-तीन हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई। भ्रष्टाचार के इस खुले खेल के खिलाफ आम जनता का गुस्सा फूट पड़ा और लोगों ने केंद्र पर जमकर बवाल काटा।

मिली जानकारी के अनुसार, चितरकोली गांव की रहने वाली शामली कुमारी सिंह ने आधार कार्ड में संशोधन कराने के नाम पर 3 हजार रुपये मांगे जाने का सीधा आरोप लगाया है। महिला ने इस घूसखोरी के खिलाफ रजौली के प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) को एक लिखित आवेदन सौंपकर मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। इस रिश्वतखोरी के विरोध में अन्य नागरिकों ने भी केंद्र के बाहर जमकर नारेबाजी और हंगामा किया, जिसके बाद प्रखंड प्रशासन तुरंत हरकत में आया और जांच शुरू कर दी गई है।

पीड़ित महिला शामली कुमारी सिंह ने सोमवार को मीडिया को बताया कि वह अपने आधार कार्ड में जरूरी सुधार करवाने के लिए तय केंद्र पर गई थीं। उनका आरोप है कि वहां मौजूद कर्मियों ने कार्ड में संशोधन करने के बदले में उनसे सीधे 3 हजार रुपये की डिमांड कर दी। हैरान करने वाली बात यह है कि ऐसा सिर्फ उनके साथ नहीं, बल्कि वहां आए कई अन्य लोगों के साथ भी किया जा रहा था। महिला ने कहा कि सरकार द्वारा तय की गई फीस से कई गुना ज्यादा रकम मांगे जाने पर उन्होंने इसका कड़ा विरोध किया और सीधे प्रखंड प्रशासन के पास जाकर इसकी लिखित शिकायत दर्ज करा दी।

सरकारी योजनाओं के लिए जरूरी कार्ड, नियमों के विरुद्ध वसूली

शिकायतकर्ता ने अपने आवेदन में साफ तौर पर कहा है कि आधार कार्ड देश के आम नागरिकों के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और अनिवार्य दस्तावेज है। इसका इस्तेमाल हर छोटी-बड़ी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, बैंकिंग सेवाओं को चालू रखने और पहचान के सत्यापन (वेरिफिकेशन) समेत तमाम आवश्यक कामों में किया जाता है। ऐसे में एक जरूरी सरकारी सेवा के नाम पर आम लोगों से इतनी मोटी अतिरिक्त राशि वसूलना पूरी तरह से नियमों के खिलाफ है और यह सीधे तौर पर गरीब जनता का आर्थिक शोषण है।

इस पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए रजौली के प्रखंड विकास पदाधिकारी ने बताया कि पीड़ित महिला की ओर से शिकायत पत्र मिल चुका है। आवेदन में लगाए गए सभी संगीन आरोपों की जांच बारीकी से की जा रही है। तफ्तीश के दौरान केंद्र के कर्मियों और संबंधित पक्षों से पूछताछ कर पूरी जानकारी जुटाई जाएगी। बीडीओ ने भरोसा दिलाया है कि यदि जांच में भ्रष्टाचार के ये आरोप सच पाए जाते हैं, तो दोषी व्यक्तियों के खिलाफ कानून के तहत सख्त से सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

उधर, इस मामले के तूल पकड़ने के बाद पूरे जिले में आधार कार्ड से जुड़े सरकारी कामों में पारदर्शिता लाने और सरकार द्वारा निर्धारित फीस को ही लागू करने को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोग अब प्रशासन से एक निष्पक्ष जांच और भ्रष्टाचारियों को तुरंत सस्पेंड करने की मांग कर रहे हैं।

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