Bokaro news: समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में मंगलवार को *उपायुक्त* के निर्देशानुसार *जनता दरबार में डीपीएलआर श्रीमती मेनका एवं अपर समाहर्ता मो. मुमताज अंसारी* ने आम जनता से जुड़ी समस्याओं पर क्रमवार सुनवाई की। इस दौरान *जिले के शहरी तथा ग्रामीण क्षेत्रों से पहुंचे 36 से ज्यादा लोगों की क्रमवार समस्याओं/शिकायतों पर सुनवाई* किया। साथ ही *संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को प्राप्त आवेदनों को अग्रसारित करते हुए अविलंब जांच कर समाधान करने* का निर्देश दिया।
जनता दरबार में *शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, डीपीएलआर, राजस्व संबंधित विवाद, अंचल चंद्रपुरा, सामाजिक सुरक्षा आदि से संबंधित आवेदन* प्राप्त हुए थे।
*सभी प्रखंडों में भी आयोजित हुआ जनता दरबार*
*उपायुक्त* के निर्देशानुसार *जनता दरबार का आयोजन सभी प्रखंड सह अंचल कार्यालयों* में भी किया गया, जहां *प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं अंचलाधिकारी* द्वारा स्थानीय स्तर पर प्राप्त आवेदनों की सुनवाई की गई। *स्थानीय स्तर पर निष्पादित किए जा सकने वाले मामलों का समाधान* मौके पर किया गया।
मौके पर *जिला शिक्षा पदाधिकारी श्री जगरनाथ लोहरा, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, परियोजना पदाधिकारी श्री मानिकचंद्र प्रजापति सहित अन्य* उपस्थित थ
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*ठंड के मौसम में घरों में अलाव एवं बोरसी जलाने में बरतें एहतिहात*
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ठंड के मौसम में *तापमान में गिरावट के कारण लोग अपने घरों में बोरसी अथवा भूंसी (धान/गेहूं का भूसा) का उपयोग कर आग तापते* हैं। यह उपाय जहां *ठंड से राहत प्रदान करता है, वहीं थोड़ी सी लापरवाही गंभीर दुर्घटनाओं, आगजनी, दम घुटने तथा जान-माल की हानि का कारण बन* सकती है।
*इसी को ध्यान में रखते हुए आमजन से अपील की जाती है कि बोरसी जलाते समय निम्नलिखित सावधानियों का विशेष रूप से पालन करेंः-*
– बंद कमरों में बोरसी या अलाव नहीं जलाएं। इससे कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बनती है, जो अत्यंत जहरीली होती है और दम घुटने का खतरा रहता है।
– सोते समय आग जलाकर नहीं रखें। नींद के दौरान आग से चिंगारी निकलने या धुआं भरने से दुर्घटना की आशंका बढ़ जाती है।
– अलाव – बोरसी को ज्वलनशील पदार्थों से दूर रखें, जैसे कपड़े, प्लास्टिक, फर्नीचर, परदे, गैस सिलेंडर आदि।
– भूंसी, लकड़ी या कचरा जलाते समय हवा की दिशा का ध्यान रखें, ताकि चिंगारी उड़कर आसपास आग न फैला सके।
– बच्चों एवं बुजुर्गों को आग से सुरक्षित दूरी पर रखें और उन्हें बिना निगरानी के अलाव के पास न बैठने दें।
– आग बुझाने के लिए पानी, मिट्टी या रेत पास में रखें, ताकि आपात स्थिति में तुरंत उपयोग किया जा सके।
– नशे की अवस्था में अलाव न जलाएं, क्योंकि इससे सतर्कता कम हो जाती है और दुर्घटना की संभावना बढ़ती है।
– रात में सोने से पहले अलाव को पूरी तरह बुझा दें और यह सुनिश्चित कर लें कि कहीं सुलगती आग शेष न हो।
– शहरी क्षेत्रों में खुले स्थानों पर भूंसी या कचरा जलाने से बचें, इससे प्रदूषण बढ़ता है और सांस संबंधी बीमारियों का खतरा होता है।
*किसी भी आपात स्थिति में तुरंत स्थानीय प्रशासन/दमकल सेवा को सूचना दें।*
जिला प्रशासन *आमजन से अपील करता है कि ठंड से बचाव के लिए सुरक्षित उपाय अपनाएं तथा अलाव या भूंसी जलाते समय पूरी सतर्कता* बरतें। आपकी *सावधानी न केवल आपकी, बल्कि आपके परिवार एवं आसपास के लोगों की सुरक्षा* सुनिश्चित करेगी



