Bokaro: झारखंड हाई कोर्ट ने बोकारो स्टील के पांच तत्कालीन वरीय अधिकारियों को बड़ी राहत देते हुए प्रेम महतो मौत मामले में दर्ज प्राथमिकी को निरस्त करने का आदेश दिया है। यह मामला 4 अप्रैल 2025 को इस्पात भवन के समक्ष हुए प्रदर्शन और लाठीचार्ज से जुड़ा था।
क्या था पूरा मामला?
जानकारी के अनुसार, 4 अप्रैल 2025 को विस्थापित अप्रेंटिस संघ के बैनर तले इस्पात भवन के सामने प्रदर्शन किया गया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच हिंसक झड़प हुई थी। घटना के दौरान विस्थापित युवक प्रेम महतो की मौत हो गई थी, जिसके बाद पूरे इलाके में तनाव का माहौल बन गया था।
किन अधिकारियों पर दर्ज हुई थी FIR?
प्रेम महतो के परिजनों ने स्थानीय सिटी थाना में बोकारो स्टील के तत्कालीन अधिकारियों और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के अधिकारियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कराया था।
जिन अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई थी, उनमें तत्कालीन निदेशक प्रभारी बीके तिवारी, अधिशासी निदेशक (कार्मिक) जय श्री बनर्जी, मुख्य महाप्रबंधक हरिमोहन झा और महाप्रबंधक प्रभाकर समेत अन्य अधिकारी शामिल थे।
हाई कोर्ट ने क्या कहा?
मामले की सुनवाई के बाद झारखंड हाई कोर्ट ने सिटी थाना में दर्ज सभी संबंधित प्राथमिकी को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का आदेश दिया है। अदालत के इस फैसले के बाद बोकारो स्टील के पूर्व अधिकारियों को बड़ी कानूनी राहत मिली है। हालांकि, इस फैसले को लेकर अब स्थानीय स्तर पर नई चर्चाएं भी शुरू हो गई हैं।
प्रदर्शन और विवाद बना था बड़ा मुद्दा
प्रेम महतो की मौत के बाद विस्थापित संगठनों ने घटना को लेकर कई बार विरोध प्रदर्शन किया था। मामले ने उस समय बोकारो में प्रशासन, बोकारो स्टील प्रबंधन और विस्थापित संगठनों के बीच तनाव बढ़ा दिया था। अब हाई कोर्ट के फैसले के बाद इस पूरे मामले ने एक नया मोड़ ले लिया है।



