Bokaro: बोकारो जिले में प्रेम प्रसंग से जुड़े अपहरण के मामलों में इन दिनों अप्रत्याशित बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। इन मामलों ने न सिर्फ पुलिस की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, बल्कि परिवारों की चिंता भी लगातार बढ़ रही है। स्थिति यह है कि अब सिर्फ छात्र-छात्राएं ही नहीं, बल्कि विवाहित महिलाएं भी ऐसे मामलों में शामिल पाई जा रही हैं। पुलिस को महानगरों और दूसरे राज्यों तक छापेमारी कर युवतियों और महिलाओं को बरामद करना पड़ रहा है।
हर महीने सामने आ रहे कई मामले
बोकारो पुलिस के अनुसार, ऐसे मामले अब हर महीने दर्जनों की संख्या में सामने आ रहे हैं। शुरुआत में परिजन अपहरण की शिकायत दर्ज कराते हैं, लेकिन जांच के दौरान अधिकतर मामलों में प्रेम प्रसंग की बात सामने आती है। 31 मई 2026 को सेक्टर-04 थाना में रानी कुमारी अपने पति प्रेम कुमार के साथ पहुंचीं। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह बालिग हैं और अपनी मर्जी से रांची के एक शिव मंदिर में शादी की है। इसके बाद उनके परिजनों द्वारा दर्ज अपहरण की शिकायत समाप्त कर दी गई।
मुखिया सपना कुमारी का मामला बना चर्चा का विषय
गोमिया प्रखंड की पलिहारी गुरुडीह पंचायत की मुखिया सपना कुमारी 2 अक्टूबर 2025 को अचानक लापता हो गई थीं। मामले ने काफी तूल पकड़ा था। बाद में 5 अक्टूबर को बोकारो पुलिस ने उन्हें रांची से बरामद किया। हालांकि, वह किन कारणों से गई थीं, इसकी जानकारी पुलिस ने सार्वजनिक नहीं की।
हरियाणा और राजस्थान तक पहुंच रही पुलिस
पिंड्राजोरा थाना क्षेत्र की वैष्णवी भी अचानक गायब हो गई थीं। कई महीनों बाद पुलिस ने उन्हें हरियाणा से उनके पति के साथ बरामद किया। वैष्णवी ने बताया कि उन्होंने कॉलेज के प्रेमी से शादी कर ली है। इसी तरह, सेक्टर-12 थाना क्षेत्र की शादीशुदा महिला रिंकू देवी के गायब होने के बाद इलाके में भारी हंगामा हुआ था। आक्रोशित लोगों ने थाने का घेराव तक किया था। बाद में पुलिस ने रिंकू देवी को राजस्थान से बरामद किया, जहां वह अपने प्रेमी के साथ रह रही थीं।
पुलिस की बढ़ रही परेशानी
ऐसे मामलों में सबसे बड़ी चुनौती पुलिस के सामने तब आती है, जब परिवार अपहरण की आशंका में दबाव बनाता है और पुलिस को दूसरे राज्यों तक तलाश अभियान चलाना पड़ता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कई बार महिलाएं और युवतियां परिवार को बिना जानकारी दिए चली जाती हैं, जिससे समाज और परिवार के साथ-साथ पुलिस तंत्र पर भी अतिरिक्त दबाव बनता है।
समाज में बढ़ रही चिंता
लगातार सामने आ रही इन घटनाओं ने सामाजिक स्तर पर भी चिंता बढ़ा दी है। परिजन बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर परेशान हैं, जबकि पुलिस विभाग ऐसे मामलों की बढ़ती संख्या से दबाव महसूस कर रहा है।



