Ranchi : प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी के. राजू ने भाजपा पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि भाजपा देश की संवैधानिक व्यवस्था को वोट चोरी के जरिए हाईजैक कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी ने देश के सामने इस “वोट चोरी” की सच्चाई को उजागर किया है और इसके ठोस सबूत राहुल गांधी द्वारा जनता के समक्ष रखे गए हैं। इनमें फर्जी मतदाता, जाली पते, जोड़े गए फर्जी नाम और हटाए गए असली मतदाता की पूरी सूची शामिल है।
राजू सोमवार को कांग्रेस भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने बताया कि हरियाणा में दो करोड़ मतदाताओं में से करीब 25 लाख फर्जी मतदाता पाए गए हैं, जो लोकतंत्र के लिए बेहद चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि मतदान का अधिकार हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और इसे किसी भी तरह से कमजोर नहीं किया जा सकता।
राजू ने कहा कि झारखंड में कांग्रेस ने इस मुद्दे पर जन-जागरूकता और हस्ताक्षर अभियान चलाया, जिसमें अब तक 16 लाख लोगों के हस्ताक्षर एकत्र किए जा चुके हैं। इस अभियान का उद्देश्य चुनाव सुधार की दिशा में निर्वाचन आयोग से ठोस कार्रवाई की मांग करना है।
उन्होंने बताया कि कांग्रेस की पांच मुख्य मांगों में सबसे अहम है-फोटो सहित स्पष्ट मतदाता सूची सार्वजनिक करना, ताकि हर मतदाता की पहचान और पता सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया को अचानक बंद कर दिया, जिससे भाजपा को फर्जी मतदाताओं को जोड़ने और कांग्रेस समर्थक मतदाताओं को हटाने का मौका मिला।
राजू ने मांग की कि निर्वाचन आयोग हटाए और जोड़े गए मतदाताओं की सूची समय पर प्रकाशित करे, ताकि राजनीतिक दलों को जांच करने और मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा करने का अवसर मिल सके।
इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि “वोट चोर गद्दी छोड़” अभियान के तहत राष्ट्रीय स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया गया। यह अभियान 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर तक चला, लेकिन जनता की व्यापक भागीदारी को देखते हुए इसे 10 दिन बढ़ाया गया।
कमलेश ने बताया कि झारखंड में अपेक्षा से अधिक लोगों ने अभियान में भाग लिया और राज्य में 16 लाख हस्ताक्षर प्राप्त हुए, जो कई बड़े राज्यों से भी अधिक हैं। हालांकि, संगठनात्मक कारणों और कुछ जिलों में पदाधिकारियों के चयन प्रक्रिया के चलते अंतिम चरण में थोड़ी शिथिलता रही।
कार्यक्रम में सह प्रभारी सीरिवेल्लाभ प्रसाद, विधायक दल के नेता प्रदीप यादव, पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, पूर्व राज्यसभा सांसद प्रदीप कुमार बलमुचु, राजेश कच्छप, ममता देवी और सुरेश बैठा सहित कई वरिष्ठ नेता उपस्थित थे।



