Patna: बिहार की सियासत में एक बार फिर बड़ा भूचाल आ गया है। कांग्रेस ने अदाणी समूह पर एक बड़ी बिजली परियोजना के आवंटन में भारी अनियमितताओं का दावा करते हुए 62,000 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोप लगाया है। विपक्ष का आरोप है कि इस पूरी प्रक्रिया में तय नियमों और कानूनी कायदों को ताक पर रखकर अदाणी समूह को सीधे तौर पर अनुचित लाभ पहुंचाया गया है, जिससे सरकारी खजाने को भारी नुकसान हुआ है। कांग्रेस नेतृत्व ने इस पूरे मामले की किसी स्वतंत्र जांच एजेंसी से निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की है।

अदाणी समूह ने आरोपों को सिरे से नकारा

इस बड़े घोटाले का आरोप सामने आने के बाद देश का राजनीतिक पारा पूरी तरह चढ़ गया है। हालांकि, इस मामले में अभी तक किसी भी न्यायालय या आधिकारिक जांच एजेंसी ने कोई मुकदमा दर्ज (पंजीबद्ध) नहीं किया है। दूसरी ओर, अदाणी समूह ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए किसी भी प्रकार की गड़बड़ी से साफ इनकार किया है। फिलहाल यह पूरा मुद्दा केवल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और बयानों तक ही सीमित है। सरकार और संबंधित पक्षों ने विपक्ष के इन दावों को पूरी तरह बेबुनियाद और राजनीति से प्रेरित बताते हुए इनका कड़ा खंडन किया है।

Share.
Exit mobile version