Politics News: बात एक ऐसी आरोप की है जिसने बिहार चुनाव के माहौल को फिर से गर्म कर दिया है। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दावा किया है कि इस बार बिहार में चुनाव वैसा नहीं रहा जैसा लोकतंत्र में होना चाहिए। उनका कहना है कि चुनाव को हाईजैक किया गया—वो भी खुलेआम पैसों की बरसात करके।

गहलोत बोले—पोलिंग के दिन तक चलता रहा पैसों का खेल

गहलोत ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि “हार-जीत तो लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन बिहार में जो हुआ वह लोकतंत्र के लिए खतरे की घंटी है।” उनके मुताबिक, महिलाओं को 10 हजार रुपए तक बांटे गए, और यह सिलसिला मतदान से ठीक पहले तक चलता रहा। “चुनाव चल रहे थे और पैसे खुलेआम बांटे जा रहे थे… और चुनाव आयोग बस देखता रहा,” उन्होंने कहा।

गहलोत का आरोप है कि तमाम सरकारी योजनाओं को भी इस तरह इस्तेमाल किया गया जैसे वे सिर्फ वोट खरीदने का जरिया हों। “आंकड़े चौंकाने वाले हैं,” उन्होंने साफ कहा।

इसके बाद उन्होंने बीजेपी और कांग्रेस को लेकर भी बात की। पीएम मोदी के “कांग्रेस खत्म हो जाएगी” वाले बयान पर जवाब देते हुए गहलोत बोले—“कांग्रेस पूरी तरह एकजुट है, और जो चुनौती NDA दे रहा है, उसका मुकाबला करने की क्षमता हमारे पास है।”

गहलोत ने बीजेपी के अंदर चल रही स्थिति को लेकर भी चुटकी ली—“दो साल हो गए, अध्यक्ष ही नहीं चुन पाए… बताइए फूट किसकी पार्टी में है?”

राजस्थान की अंता सीट पर कांग्रेस की जीत को उन्होंने राज्य सरकार की नाकामी का नतीजा बताया। बोले—“लोग पछता रहे हैं कि हमारी सरकार चली गई। नई सरकार में न सुशासन है, न दिशा।”

अंत में गहलोत ने चुनाव आयोग पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि आयोग सरकार से मिला हुआ लगता है और यह चीज लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। “एसआईआर पर जिस तरह कार्रवाई हुई, उससे उनकी नीयत पर सवाल उठते हैं,” उन्होंने कहा।

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