Ayodhya: राम मंदिर की सिल्वर ब्रिक्स को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद पर विशेष जांच दल (SIT) ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि मंदिर में दान की गई सभी चांदी की ईंटों का पूरा रिकॉर्ड श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पास सुरक्षित है। एसआईटी के अनुसार, इन सिल्वर ब्रिक्स को निर्धारित प्रक्रिया के तहत पिघलाकर बैंक लॉकर में सुरक्षित रख दिया गया है। एसआईटी ने दान प्रबंधन और चढ़ावे में कथित गड़बड़ी के आरोपों की जांच के दौरान ट्रस्ट के रिकॉर्ड का सत्यापन किया। जांच में यह भी स्पष्ट हुआ कि सिंधी समाज की ओर से दान की गई करीब 200 किलोग्राम चांदी सहित अन्य चढ़ावे का पूरा विवरण ट्रस्ट के अभिलेखों में दर्ज है।
ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दर्ज है चांदी के दान का पूरा विवरण
एसआईटी के मुताबिक, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के रिकॉर्ड के अनुसार 21 जुलाई 2020 और 28 जुलाई 2020 के बीच कुल 38 किलोग्राम चांदी दान में प्राप्त हुई थी। इसके बाद 29 जुलाई 2020 को 25.576 किलोग्राम चांदी की ईंटें भी ट्रस्ट को दान स्वरूप मिली थीं, जिसका पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है। जांच एजेंसी ने बताया कि दान में मिली सभी चांदी की ईंटों का विधिवत हिसाब-किताब रखा गया है और उनकी सुरक्षित देखरेख के लिए ट्रस्ट की निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया गया।
सिल्वर ब्रिक्स गायब होने के दावे जांच में गलत पाए गए
एसआईटी की जांच में सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि दान की गई चांदी की ईंटें कहीं गायब नहीं हुईं। जांच रिपोर्ट के अनुसार, ट्रस्ट ने सभी सिल्वर ब्रिक्स को पिघलाकर सुरक्षित रूप में बैंक लॉकर में जमा कराया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया पर चल रहे उन दावों को भी जांच में गलत पाया गया, जिनमें चांदी की ईंटों के लापता होने का आरोप लगाया जा रहा था। एसआईटी ने स्पष्ट किया कि रिकॉर्ड और भंडारण प्रक्रिया में ऐसी किसी अनियमितता के प्रमाण नहीं मिले हैं।
चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच अब भी जारी
हालांकि, मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन में कथित गड़बड़ी का मामला अभी भी जांच के दायरे में है। एसआईटी की सिफारिश पर इस मामले में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है और अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों पर दान राशि की चोरी, आपराधिक साजिश, अमानत में खयानत और भ्रष्टाचार से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पुलिस और एसआईटी मामले के विभिन्न पहलुओं की अलग-अलग जांच कर रही हैं।
