World News: पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री लियाकत अली खान की कथित 4 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में हरियाणा सरकार ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में अपना जवाब दाखिल कर दिया है, लेकिन अभी तक केंद्र सरकार और सीबीआई का जवाब नहीं आया है। इसी वजह से अब अगली सुनवाई 3 फरवरी को तय की गई है।
मामला हरियाणा के करनाल जिले के गांव डबकौली खुर्द से जुड़ा है, जहां लियाकत अली खान की पारिवारिक जमीन होने का दावा किया गया है। याचिका के अनुसार यह जमीन करीब 1200 एकड़ है, जिसमें करनाल शहर की दुकानें और आवासीय संपत्तियां भी शामिल हैं। मौजूदा बाजार कीमत लगभग 4,000 करोड़ रुपये बताई गई है।
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याचिकाकर्ताओं का आरोप है कि भूमाफिया फर्जी वारिस खड़े कर इस जमीन को खुर्द-बुर्द कर रहे हैं। उनका कहना है कि इस पूरे मामले में कुछ अधिकारियों और नेताओं की मिलीभगत भी हो सकती है, इसलिए इसकी जांच सीबीआई से कराई जानी चाहिए।
याचिकाकर्ताओं की ओर से पैरवी कर रहे वकील इंदूबाला, करूणा शर्मा और रामकिशन का कहना है कि हरियाणा सरकार ने हाईकोर्ट में जो जवाब दाखिल किया है, वह नकारात्मक है। सरकार ने जमीन का कस्टोडियन केंद्र सरकार को न मानते हुए कब्जाधारियों जमशेद अली खान और अन्य को ही मालिक माना है।
सरकार की ओर से दिए गए जवाब में कहा गया है कि इस मामले की जांच एसआईटी और डीएसपी रैंक के अधिकारी द्वारा निष्पक्ष तरीके से की गई थी। जांच में आरोप साबित नहीं होने के कारण कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल की गई है।
वकीलों का कहना है कि अभी तक न तो केंद्र सरकार और न ही सीबीआई ने अपना जवाब दाखिल किया है। उम्मीद है कि 3 फरवरी से पहले दोनों पक्ष अपना-अपना जवाब कोर्ट में पेश कर सकते हैं। अब इस पूरे मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी 2026 को होगी।
उधर, याचिकाकर्ता सोनू के वकील ने बताया कि करनाल पुलिस की ओर से राज्य सरकार को भेजे गए रिप्लाई को लेकर याचिकाकर्ता और ग्रामीण जल्द ही मुख्यमंत्री नायब सैनी और मुख्य सचिव से मुलाकात करेंगे।



