रांची: विश्व सिकल सेल दिवस के मौके पर शुक्रवार को रांची के सदर अस्पताल में सिकल सेल एनीमिया के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, जाने-माने डॉक्टरों, हेमेटोलॉजिस्ट और स्वास्थ्यकर्मियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य इस गंभीर आनुवंशिक (जेनेटिक) बीमारी की समय पर पहचान, रोकथाम और इसके सही उपचार को लेकर आम जनता को जागरूक करना था।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए रांची के सिविल सर्जन डॉ. प्रभात कुमार ने कहा कि सिकल सेल एनीमिया भले ही एक आनुवंशिक बीमारी है, लेकिन अगर समय रहते इसकी पहचान कर ली जाए और उचित उपचार शुरू हो, तो इसके खतरों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए बताया कि रांची सदर अस्पताल समेत राज्य के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) में सिकल सेल एनीमिया की जांच पूरी तरह से निःशुल्क (फ्री) उपलब्ध है। इसके अलावा, अब गर्भवती महिलाओं की एएनसी (ANC) जांच के दौरान भी सिकल सेल स्क्रीनिंग को अनिवार्य रूप से शामिल किया गया है ताकि होने वाले बच्चे को इस बीमारी से बचाया जा सके।

झारखंड में जल्द शुरू होगा विशेष सर्वेक्षण अभियान

कार्यक्रम में मौजूद राज्य नोडल पदाधिकारी (ब्लड सेल) डॉ. प्रमोद कुमार सिन्हा ने बताया कि सिकल सेल एनीमिया शरीर में खून की भारी कमी, जोड़ों और छाती में असहनीय दर्द तथा अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने घोषणा की कि राज्य सरकार जल्द ही इसके उन्मूलन के लिए एक विशेष सर्वेक्षण और जांच अभियान शुरू करने जा रही है। इस अभियान के तहत विशेष रूप से 0 से 5 वर्ष और 18 से 35 वर्ष के आयु वर्ग वाले लोगों की बड़े पैमाने पर मुफ्त जांच की जाएगी। साथ ही, पीड़ित मरीजों को सरकार की तरफ से निःशुल्क रक्त (ब्लड) और जरूरी वैक्सीन भी मुहैया कराई जा रही है।

बीमारी के लक्षण और उपचार

प्रसिद्ध हेमेटोलॉजिस्ट डॉ. अभिषेक रंजन ने बताया कि झारखंड के भौगोलिक और सामाजिक परिवेश में सिकल सेल जीन का प्रसार काफी अधिक है। प्रभावित मरीजों को हाथ-पैर, पेट में तेज दर्द, बार-बार बुखार आना और संक्रमण जैसी समस्याओं से गुजरना पड़ता है। उन्होंने मरीजों को हाइड्रॉक्सी यूरिया, फोलिक एसिड की नियमित खुराक लेने और डॉक्टरों के संपर्क में रहने की सलाह दी। कार्यक्रम में डॉ. राहुल किशोर सिंह, डॉ. पंकज और डॉ. ए.के. झा ने भी अपने विचार रखे। अंत में जिला कार्यक्रम प्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह ने सभी डॉक्टरों और नर्सिंग छात्राओं का धन्यवाद किया।

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