कोडरमा। निषिद्ध मादक पदार्थों के विरुद्ध संचालित राज्यव्यापी जागरूकता अभियान के अंतर्गत जिला स्वास्थ्य समिति, कोडरमा द्वारा नशा मुक्त झारखण्ड अभियान के आलोक में सदर अस्पताल, कोडरमा में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के दौरान सदर अस्पताल, कोडरमा के उपाधीक्षक डॉ. रंजीत कुमार द्वारा आई.सी.टी.सी. एवं ए.आर.टी. के कर्मियों, अन्य स्वास्थ्यकर्मियों तथा अस्पताल के प्रतीक्षालय में उपस्थित मरीजों एवं उनके परिजनों को नशे के विरुद्ध शपथ दिलाई गई।
शपथ ग्रहण के उपरांत उपाधीक्षक एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा उपस्थित लोगों के बीच मादक द्रव्यों के सेवन से होने वाले दुष्प्रभावों एवं उपलब्ध उपचार सेवाओं से संबंधित जागरूकता पम्पलेट का वितरण किया गया। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए उपाधीक्षक डॉ. रंजीत कुमार ने कहा कि मादक द्रव्यों का सेवन व्यक्ति के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक जीवन पर अत्यंत गंभीर दुष्प्रभाव डालता है। प्रारंभ में लोग उत्सुकता, मित्रों के दबाव अथवा तनाव के कारण नशे का सेवन करते हैं, किंतु धीरे-धीरे इसकी लत विकसित हो जाती है और व्यक्ति इसके बिना सामान्य जीवन जीने में कठिनाई अनुभव करने लगता है।
उन्होंने कहा कि नशे के नियमित सेवन से मस्तिष्क की कार्यक्षमता प्रभावित होती है, जिससे स्मरण शक्ति, एकाग्रता, निर्णय लेने की क्षमता एवं व्यवहार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसके अतिरिक्त नशे की लत व्यक्ति के पारिवारिक संबंधों, सामाजिक प्रतिष्ठा को भी प्रभावित करती है । डॉ. कुमार ने उपस्थित लोगों से अपील करते हुए कहा कि वे स्वयं मादक द्रव्यों से दूर रहें तथा अपने परिवार एवं समाज को भी इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करें। यदि कोई व्यक्ति नशे की समस्या से जूझ रहा हो, तो उसे समय रहते चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार प्राप्त करने के लिए प्रेरित करें, ताकि वह स्वस्थ एवं सम्मानजनक जीवन की ओर लौट सके। कार्यक्रम में सदर अस्पताल के आई.सी.टी.सी. एवं ए.आर.टी. केंद्र के कर्मियों सहित अन्य स्वास्थ्यकर्मियों की सक्रिय सहभागिता रही।
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