Ranchi : झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में 8 दिसंबर 2025 को आयोजित मंत्रिपरिषद की अहम बैठक में राज्य के सर्वांगीण विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। इस बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पुल, किसानों, कर्मचारियों, पर्यावरण और न्यायालय से जुड़े मामलों पर ठोस निर्णय लेकर सरकार ने विकास की दिशा में बड़ा कदम बढ़ाया है।

बैठक में शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के उद्देश्य से उच्च शिक्षा की नई परियोजनाओं को स्वीकृति दी गई। पलामू के लातेहार जिले के बालूमाथ में डिग्री महाविद्यालय के निर्माण के लिए 38 करोड़ 82 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। वहीं चतरा जिले के सिमरिया विधानसभा क्षेत्र में नए डिग्री कॉलेज भवन के निर्माण के लिए लगभग 34 करोड़ 62 लाख रुपये की मंजूरी दी गई। रांची विश्वविद्यालय और उसके अंतर्गत आने वाले अंगीभूत महाविद्यालयों में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन को भी स्वीकृति मिली, जिससे शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जा सकेगा।

सड़क और आधारभूत संरचना के क्षेत्र में सरकार ने बड़े निवेश को मंजूरी दी। गोड्डा जिले में 17 किलोमीटर से अधिक महत्वपूर्ण पथ के चौड़ीकरण और पुनर्निर्माण के लिए 127 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति दी गई। साहेबगंज जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़े मार्ग के विकास के लिए करीब 61 करोड़ रुपये मंजूर किए गए। डालटनगंज से चैनपुर मार्ग पर नॉर्थ कोयल नदी पर उच्चस्तरीय पुल के निर्माण के लिए 64 करोड़ रुपये तथा गुमला जिले के 33 किलोमीटर से अधिक लंबे मार्ग के चौड़ीकरण के लिए 140 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई। इसके अलावा रांची शहर के सिरमटोली चौक से मेकॉन गोलचक्कर तक चार लेन फ्लाईओवर/एलिवेटेड रोड निर्माण के लिए 470 करोड़ रुपये से अधिक की पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई, जिससे राजधानी की यातायात व्यवस्था को नई दिशा मिलेगी।

कृषि और किसानों के हित में कैबिनेट ने ऐतिहासिक निर्णय लिए। खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के लिए झारखंड राज्य धान अधिप्राप्ति योजना को मंजूरी दी गई। किसानों से न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त राज्य सरकार द्वारा बोनस देने की भी स्वीकृति हुई। इसके तहत एमएसपी और बोनस मिलाकर प्रति क्विंटल धान का दर 2450 रुपये तय किया गया। इस फैसले से राज्यभर के किसानों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण निर्णय हुए। रिम्स, रांची के अधीन कार्यरत सह-प्राध्यापकों को दिनांक 1 जुलाई 2019 से प्रभावी रूप में प्राध्यापक पद पर प्रोन्नति देने की स्वीकृति दी गई। वहीं राजकीय होम्योपैथिक मेडिकल कॉलेज, गोड्डा के इंटर्नी छात्रों की मासिक वृत्तिका राशि में वृद्धि का निर्णय लिया गया। दूसरी ओर, प्रशासनिक अनुशासन के तहत सदर अस्पताल, गोड्डा के एक चिकित्सा पदाधिकारी को सेवा से मुक्त करने और हजारीबाग मेडिकल कॉलेज की एक सहायक प्राध्यापक को सेवा से बर्खास्त करने की स्वीकृति भी दी गई।

सरकार ने न्यायालय के आदेशों के अनुपालन से जुड़े कई मामलों का भी निपटारा किया। विभिन्न वादों में पारित आदेशों के तहत नियुक्ति तिथि संशोधन, वरीयता पुनर्निर्धारण, सेवा नियमितीकरण और वित्तीय लाभ प्रदान करने की स्वीकृति दी गई, जिससे संबंधित कर्मियों को न्याय मिलेगा और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता आएगी।

पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक अहम पहल करते हुए झारखंड राज्य में गिद्ध संरक्षण एवं प्रजनन केंद्र के संचालन के लिए सरकार और बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) के बीच समझौते को मंजूरी दी गई। इसके साथ ही बांध सुरक्षा अधिनियम के तहत राज्य स्तरीय समिति के पुनर्गठन को भी स्वीकृति दी गई, जिससे जल संरचनाओं की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा सकेगा। झारखंड पारिस्थितिकी पर्यटन प्राधिकरण (JETA) के नियमों में संशोधन की भी स्वीकृति प्रदान की गई।

राज्य में खनन और भूमि प्रबंधन को लेकर भी बड़े निर्णय हुए। हजारीबाग जिले के बड़कागांव क्षेत्र में कोयला खनन परियोजनाओं के लिए एनटीपीसी को 30 वर्षों के लिए सशुल्क लीज देने की स्वीकृति दी गई। इसके अलावा झारखंड खनिज धारित भूमि उपकर अधिनियम और झारखंड कोषागार संहिता में संशोधन को भी मंजूरी मिली, जिससे वित्तीय और प्रशासनिक व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा सकेगा।

सरकारी कर्मचारियों और संस्थानों के हित में भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। वर्ष 2026 के लिए सार्वजनिक अवकाशों की घोषणा को मंजूरी दी गई। संस्कृत महाविद्यालयों के शिक्षकों और कर्मचारियों को पांचवां, छठा और सातवां पुनरीक्षित वेतनमान देने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति/जनजाति सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना में संशोधन को भी हरी झंडी दी गई।

कुल मिलाकर, हेमंत सोरेन सरकार की इस मंत्रिपरिषद बैठक में विकास, किसान हित, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण और शासन व्यवस्था से जुड़े दूरगामी प्रभाव वाले फैसले लिए गए, जो आने वाले समय में झारखंड के सामाजिक और आर्थिक ढांचे को नई मजबूती प्रदान करेंगे।

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