Dumka News: झारखंड के दुमका जिले में ‘कलम’ पर ‘खाकी’ के हमले के एक गंभीर मामले में पुलिस प्रशासन ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है। हंसडीहा थाना के तत्कालीन प्रभारी ताराचंद्र द्वारा पत्रकार मृत्युंजय पांडेय के साथ कथित तौर पर की गई मारपीट और अभद्र व्यवहार के आरोप सही पाए जाने पर, एसपी पितांबर सिंह खेरवार ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रशासन की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि वर्दी की आड़ में किसी के अधिकारों का हनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जांच में दोषी पाए गए थानेदार, जिम्मी हांसदा को कमान

पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब पत्रकार मृत्युंजय पांडेय ने अपनी ड्यूटी के दौरान थाना प्रभारी ताराचंद्र पर बदसलूकी और मारपीट के गंभीर आरोप लगाए थे। इस घटना के बाद जिले के तमाम पत्रकार संगठनों ने गोलबंद होकर विरोध प्रदर्शन किया और आरोपी अधिकारी को हटाने की मांग की। एसपी के निर्देश पर हुई विभागीय जांच में आरोपों की पुष्टि होते ही निलंबन का आदेश जारी कर दिया गया। अब हंसडीहा थाने की जिम्मेदारी नए प्रभारी के रूप में जिम्मी हांसदा को सौंपी गई है।

अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की दिशा में बड़ा कदम

प्रशासन के इस फैसले का पत्रकार संगठनों ने स्वागत किया है और इसे लोकतंत्र के चौथे स्तंभ की सुरक्षा की दिशा में एक अहम जीत बताया है। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट किया है कि विभागीय कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी, बल्कि आगे की जांच जारी रहेगी और जरूरत पड़ने पर और भी कठोर कदम उठाए जाएंगे। इस कार्रवाई के बाद से जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है, वहीं पत्रकारों ने इसे न्याय की जीत करार दिया है।

इस खबर को भी पढ़ें : जामताड़ा SP का रौद्र रूप: थानेदार समेत पूरी गश्ती टीम सस्पेंड, पुलिस महकमे में हड़कंप

Share.
Exit mobile version