Ranchi : कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने बेड़ो प्रखंड के पंडरा, जमुनी और रोगो गांवों में सरना–मसना स्थल की घेराबंदी योजना का शिलान्यास करते हुए ग्रामीणों को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि बीएलओ द्वारा एसआईआर कार्य तेजी से चल रहा है और हर ग्रामीण को अपने तथा अपने परिवार का सत्यापन अवश्य कराना चाहिए, ताकि किसी प्रकार की त्रुटि या नाम कटने जैसी समस्या सामने न आए।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि एसआईआर केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि मतदाता सूची की शुद्धता से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रक्रिया है। ग्रामीणों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि सत्यापन में लापरवाही करना भविष्य में कई प्रकार की दिक्कतें पैदा कर सकता है, इसलिए सभी लोग इस प्रक्रिया को गंभीरता से लें।
सरना–मसना स्थल की महत्ता पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि यह स्थल ग्रामीणों की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक पहचान से जुड़ा हुआ है। घेराबंदी के अभाव में इन स्थलों पर लगातार अतिक्रमण का खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में समाज की सजगता और सरकारी योजनाओं के सहयोग से इन पारंपरिक धरोहरों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकती है। उन्होंने ग्रामीणों से आग्रह किया कि व्यक्तिगत स्वार्थ छोड़ सामूहिक जिम्मेदारी के साथ अपने पूर्वजों की धरोहरों को बचाने का संकल्प लें।
कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने ग्रामीणों के बीच कंबल का वितरण भी किया। उन्होंने किसानों को मडुआ (रागी) की खेती को बढ़ावा देने की सलाह देते हुए बताया कि सरकार प्रति एकड़ तीन हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने किसानों से अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की, ताकि आय में बढ़ोतरी और फसल विविधीकरण दोनों को बढ़ावा मिल सके।
इस मौके पर कांग्रेस प्रखंड अध्यक्ष करमा उरांव, उप प्रमुख मुद्दसिर हक, बुध राम लोहरा, करमचंद भगत, चरवा उरांव, फहीम, शंभू बैठा, सुबल उरांव, बीरेंद्र उरांव सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।



