U.P. News: बांदा जिले के रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में एक ऐसी चौंकाने वाली घटना सामने आई, जिसने यूपी पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। उन्नाव जिले का रहने वाला शातिर और खूंखार बदमाश अतुल सिंह, जो एक पैर से लंगड़ा था और चोरी, लूट, हत्या के प्रयास, धोखाधड़ी और गैंगस्टर समेत कुल 20 गंभीर मामलों में फरार चल रहा था, चार सिपाहियों की मौजूदगी के बावजूद अस्पताल से फरार हो गया।

अतुल सिंह बांदा मंडल कारागार में निरुद्ध था, लेकिन पैर में गंभीर चोट लगने के कारण उसे 7 दिसंबर 2025 को मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया था। उसकी प्रोफाइल को देखते हुए सुरक्षा में चार सिपाहियों को तैनात किया गया था।

CCTV में कैद हुआ भागने का दृश्य

घटना तब हुई जब ड्यूटी पर तैनात सिपाही खाने-पीने में व्यस्त थे। अतुल ने इसी दौरान मौका निकाला और फरार हो गया। मेडिकल कॉलेज के गलियारे में लगे सीसीटीवी कैमरे में वह एक पैर से लंगड़ाते हुए, मगर तेजी से बाहर निकलता हुआ दिखाई दिया।

कुछ ही मिनटों में सिपाहियों को अहसास हुआ और उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी। मामला गंभीर होने के कारण देर रात ही चारों सिपाहियों को सस्पेंड कर दिया गया और विभागीय जांच के आदेश दिए गए। एसपी बांदा पलाश बंसल ने फरार आरोपी पर ₹25,000 का इनाम घोषित कर तीन टीमों को उसकी तलाश में लगा दिया।

24 घंटे बाद एनकाउंटर में पकड़ा गया

पुलिस की तत्परता काम आई और अगले 24 घंटे में उसकी तलाश कर ली गई। पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़ के दौरान जवाबी फायरिंग में अतुल सिंह के दूसरे पैर में भी गोली लगी। पुलिस ने उसे तुरंत पकड़ लिया और दोबारा अस्पताल ले आई।

पुलिस ने उसके कब्जे से एक अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस और तीन खोखा कारतूस बरामद किए, जो यह संकेत देते हैं कि आरोपी न सिर्फ फरार होने के लिए साजिशबद्ध था, बल्कि गिरफ्तारी से बचने के लिए हथियार का इस्तेमाल भी करने को तैयार था। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों पैरों में चोट के चलते आरोपी को लंबे समय तक अस्पताल में ही इलाज कराना पड़ेगा।

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