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14वीं JPSC परीक्षा मामले में 5 आरोपियों की जमानत पर सुनवाई टली

रांची : 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े और अनियमितताओं के बहुचर्चित मामले में झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव सह पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांगते समेत पांच आरोपियों की जमानत याचिका पर मंगलवार को रांची सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार

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रांची : 14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में कथित फर्जीवाड़े और अनियमितताओं के बहुचर्चित मामले में झारखंड के पूर्व मुख्य सचिव सह पूर्व JPSC अध्यक्ष एल. ख्यांगते समेत पांच आरोपियों की जमानत याचिका पर मंगलवार को रांची सिविल कोर्ट में सुनवाई हुई। अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत में हुई इस सुनवाई के दौरान फिलहाल आरोपियों को कोई राहत नहीं मिली है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 1 सितंबर की तारीख मुकर्रर की है।

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सीआईडी ने कोर्ट में पेश की केस डायरी

मंगलवार को जिन पांच आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर सुनवाई हुई, उनमें एल. ख्यांगते के साथ-साथ अभय कुमार तिवारी, श्वेता गुप्ता, सुमन सौरव और उमेश कुमार शामिल हैं। सुनवाई के दौरान सीआईडी (CID) की ओर से अदालत में केस डायरी पेश की गई। वरिष्ठ अधिवक्ता संजय कुमार के अनुसार, अभियोजन पक्ष ने केस डायरी का अध्ययन करने और अपना विस्तृत जवाब दाखिल करने के लिए अदालत से कुछ और समय की मांग की, जिसे कोर्ट ने स्वीकार कर लिया। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अगली सुनवाई 1 सितंबर को तय की है।

10 अगस्त को हुई थी एल. ख्यांगते की गिरफ्तारी

14वीं JPSC प्रारंभिक परीक्षा में गड़बड़ी की जांच सीआईडी द्वारा की जा रही है (कांड संख्या 16/2026)। जांच का दायरा बढ़ने के बाद सीआईडी ने 10 अगस्त को जेपीएससी के तत्कालीन अध्यक्ष एल. ख्यांगते को गिरफ्तार किया था। इससे पहले, इस मामले में 22 जुलाई को गोड्डा में खाद्य आपूर्ति विभाग में तैनात अभय कुमार तिवारी को गिरफ्तार किया गया था। जांच में उसके टीडीपीएल (TDPL) से जुड़े होने के तथ्य सामने आए थे, और आरोप है कि टीडीपीएल में रहने के दौरान उसने चार बार जेपीएससी की परीक्षा पास की थी। वहीं, सह-आरोपी श्वेता गुप्ता जेपीएससी में उप परीक्षा नियंत्रक थीं, जिन पर आरोप है कि दूसरे विभाग में तबादला होने के बावजूद वह करीब दो महीने तक अवैध रूप से जेपीएससी कार्यालय में बनी रही थीं।

JPSC दफ्तर में हुई थी छापेमारी, दो दर्जन से अधिक गिरफ्तारियां

इस पूरे प्रकरण की आंच जेपीएससी कार्यालय तक भी पहुंची थी। गत 21 जुलाई को रांची पुलिस और सीआईडी की संयुक्त टीम ने जेपीएससी कार्यालय में भारी फेरबदल और दस्तावेजों की सुदृढ़ जांच के लिए छापेमारी की थी, जहां से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए गए थे। इस हाई-प्रोफाइल फर्जीवाड़े के मामले में अब तक पूर्व अध्यक्ष एल. ख्यांगते समेत दो दर्जन से ज्यादा लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है। सीआईडी इस मामले में मिले नए साक्ष्यों के आधार पर अपनी तफ्तीश आगे बढ़ा रही है।

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Sneha Kumari

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