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Chaibasa News: महिला कॉलेज चाईबासा के बीएड विभाग की 36 विज्ञान प्रशिक्षुओं ने अपने पाठ्यक्रम के तहत टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा संचालित टाटा मल्टीस्किल सेंटर का शैक्षणिक भ्रमण किया। भ्रमण का उद्देश्य प्रशिक्षुओं को कौशल विकास कार्यक्रमों, तकनीकी प्रशिक्षण प्रक्रियाओं और उद्योग आधारित शिक्षण-अधिगम गतिविधियों की जानकारी देना था।
भ्रमण के दौरान टाटा मल्टीस्किल सेंटर के राजीव कुमार और रोशनी कुमारी झा ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से सेंटर में संचालित विभिन्न व्यावसायिक एवं कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। प्रशिक्षुओं को इलेक्ट्रिशियन, टू-व्हीलर सर्विस तकनीशियन, वेयरहाउस पैकर्स, इंडस्ट्रियल सिलाई मशीन ऑपरेटर और ब्यूटीशियन जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में बताया गया। उन्होंने बताया कि जल्द ही ब्राइडल मेकअप आर्टिस्ट पाठ्यक्रम का प्रशिक्षण भी शुरू किया जाएगा।
भ्रमण के दौरान बीएड प्रशिक्षुओं ने सेंटर की विभिन्न प्रयोगशालाओं और प्रशिक्षण इकाइयों का अवलोकन किया। उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं से संवाद कर प्रशिक्षण प्रक्रिया, उपयोग किए जाने वाले उपकरणों, सुरक्षा मानकों और कौशल आधारित रोजगार के अवसरों की जानकारी ली। छात्राओं ने प्रशिक्षणार्थियों से उनके अनुभव भी साझा किए।
महिला कॉलेज चाईबासा की प्राचार्या डॉ. अंजना खलखो ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है, बल्कि विद्यार्थियों को वास्तविक जीवन के अनुभवों से जोड़ना भी जरूरी है। शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के ज्ञान का विस्तार करता है और उन्हें उद्योग, तकनीक तथा कौशल विकास के विभिन्न क्षेत्रों से परिचित कराता है।
डॉ. अर्पित सुमन ने कहा कि वर्तमान समय में कौशल आधारित शिक्षा और रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण का महत्व बढ़ गया है। नई शिक्षा नीति भी विद्यार्थियों को व्यावसायिक शिक्षा और कौशल विकास से जोड़ने पर जोर देती है। उन्होंने कहा कि भावी शिक्षकों के लिए कौशल विकास संस्थानों की जानकारी आवश्यक है, ताकि वे भविष्य में विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा और करियर विकल्पों के प्रति जागरूक कर सकें।
उन्होंने कहा कि बीएड पाठ्यक्रम में विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों के लिए उद्योगों, प्रयोगशालाओं और औद्योगिक प्रतिष्ठानों का भ्रमण महत्वपूर्ण है। इससे प्रशिक्षुओं को सैद्धांतिक ज्ञान को व्यवहारिक परिस्थितियों से जोड़ने का अवसर मिलता है। ऐसे भ्रमण से अवलोकन, विश्लेषण, समस्या समाधान और नवाचार की क्षमता का विकास होता है।
भ्रमण के दौरान प्रशिक्षुओं ने टाटा स्टील फाउंडेशन द्वारा संचालित कौशल विकास कार्यक्रमों की सराहना की। छात्राओं ने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण केंद्र युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने सेंटर में उपलब्ध आधुनिक संसाधनों, उपकरणों और प्रशिक्षण व्यवस्था को उपयोगी बताया।
कार्यक्रम के अंत में टाटा मल्टीस्किल सेंटर के प्रतिनिधियों ने छात्राओं को कौशल विकास कार्यक्रमों की रूपरेखा, प्रवेश प्रक्रिया, प्रशिक्षण अवधि और रोजगार के अवसरों की जानकारी दी।
इस अवसर पर टाटा फाउंडेशन की काउंसलर अंकी, जानकी रवींद्र, शिव शंकर, देवेंदु और मन्ना उपस्थित रहे।

