World News: आयरलैंड में भारतीयों पर हो रहे हमलों को लेकर राष्ट्रपति माइकल डी हिगिंस नाराज दिख रहे हैं। उन्होंने इन हमलों की कड़ी निंदा करते हुए इन्हें घिनौना और देश के मूल्यों के साथ गद्दारी करार दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय मूल के लोग न सिर्फ आयरलैंड की पहचान का अहम हिस्सा हैं, बल्कि उनकी मौजूदगी से यहां का सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन और समृदध हुआ है। राष्ट्रपति हिगिंस ने एक बयान में भारतीय समुदाय के प्रति गहरी कृतज्ञता जताई और कहा- ‘चिकित्सा, नर्सिंग, देखभाल, संस्कृति, कारोबार और उद्यमिता में उनका योगदान हमारे साझा जीवन के लिए एक वरदान रहा है।

उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब देश में नस्ली हिंसा को लेकर चिंता बढ़ी है। पिछले कुछ हफ्तों में भारतीय मूल के कई लोग हमले के शिकार हुए हैं। हालात ये हो गए कि भारतीय दूतावास को सुरक्षा से जुड़ी सलाह भी जारी करना पड़ा। इसमें भारतीय नागरिकों को सुनसान इलाकों से बचने की सलाह दी गई। राष्ट्रपति ने दोनों देशों के ऐतिहासिक रिश्तों का जिक्र किया, जिसमें स्वतंत्रता संग्राम के साझा अनुभव और आयरिश महिला मार्गरेट कजिन्स की ओर से ऑल इंडिया वीमेंस कॉन्फ्रेंस की स्थापना जैसी मिसालें शामिल हैं। उन्होंने कहा, ‘इस तरह की हिंसा हम सभी को छोटा कर देती है और भारत के लोगों की और से इस देश को दिए गए अनगिनत लाभों को ढक देती है।

सोशल मीडिया पर फैलने वाले नफरत और हिंसा से जुड़े पोस्ट को भी आयरलैंड की मेहमाननवाजी और दोस्ती की परंपरा के लिए जहर बताया। उन्होंने कहा कि मेहमाननवाजी और दोस्ती का सिद्धांत आयरलैंड के हर व्यक्ति पर बिना किसी अपवाद के लागू होने चाहिए, ताकि सभी समुदाय यहां सुरक्षा, गरिमा और आपसी सम्मान के साथ रह सकें। बीते हफ्तों में कई हिंसक घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। 19 जुलाई को टालहट, डबलिन में भारत से महज तीन सप्ताह पहले पहुंचे 40 साल के अमेजन कर्मचारी पर एक किशोर गैंग ने हमला किया। पीड़ित को पीटा गया, चेहरे पर चाकू से हमला किया गया और कपड़े तक फाड़ दिए गए। पुलिस इसे संभावित हेट क्राइम मान रही है। एक आयरिश महिला, जेनिफर मरे, जो बीच-बचाव के लिए आई थीं, ने वीडियो में बताया कि कम से कम चार भारतीय पुरुषों और एक अन्य व्यक्ति के चेहरे पर इस गैंग ने चाकू से वार किया।

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