World News: भारतीय मूल के अमेरिकी विदेश नीति एक्सपर्ट एश्ले टेलिस को अमेरिकी एजेंसियों ने जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया है। टेलिस पर आरोप है कि उन्होंने गोपनीय राष्ट्रीय रक्षा दस्तावेज अपने पास रखे और चीनी अधिकारियों के साथ सीक्रेट मीटिंग की। एश्ले टेलिस साल 2001 से अमेरिकी विदेश विभाग के सलाहकार रहे हैं और पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं। एफबीआई के अनुसार टेलिस को पिछले सप्ताह गिरफ्तार किया गया और अब वर्जीनिया की कोर्ट में उनके खिलाफ आरोप दायर हुए हैं।

गोपनीय दस्तावेज और बैठकें

कोर्ट में पेश हलफनामे के मुताबिक, टेलिस के घर से 1000 से ज्यादा गोपनीय दस्तावेज मिले हैं, जिन पर “टॉप सीक्रेट” और “सीक्रेट” मार्क था। इन दस्तावेजों को लेकर एफबीआई की जांच चल रही है। टेलिस ने भारत और अमेरिका के संबंधों, खासकर असैन्य परमाणु समझौते समेत विदेश नीति के अहम मुद्दों पर निर्णायक भूमिका निभाई थी।
64 वर्षीय एश्ले टेलिस का जन्म मुंबई में हुआ और स्नातक व परास्तानक की पढ़ाई सेंट जेवियर्स कॉलेज से की। उन्होंने शिकागो यूनिवर्सिटी से राजनीति विज्ञान में पीएचडी की। वह वाशिंगटन में भारत और दक्षिण एशिया मामलों में मजबूत आवाज के रूप में पहचाने जाते हैं।

प्रमुख अमेरिकी विभागों में सक्रिय भूमिका

टेलिस ने अमेरिकी सरकार, थिंक टैंक और नई दिल्ली में अमेरिकी राजदूत के वरिष्ठ सलाहकार के रूप में भी कार्य किया है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि टेलिस को भारत-अमेरिका रिश्तों का विशेषज्ञ माना जाता है।
एफबीआई ने बताया कि टेलिस का नाम विदेश विभाग के अवैतनिक सलाहकार और रक्षा मंत्रालय के ठेकेदार के रूप में कई दस्तावेजों में दर्ज है। उनकी गिरफ्तारी को लेकर भारतीय मूल के अमेरिकी समुदाय में चर्चा जोरों पर है।

अदालत की कार्रवाई जारी

वर्जीनिया जिला अदालत में 13 अक्टूबर को कोर्ट के सामने टेलिस को पेश किया गया। न्यायिक प्रक्रिया में आगे उनसे पूछताछ और दस्तावेजों की समीक्षा की जाएगी।
अमेरिकी सरकार ने कहा है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी जांच निष्पक्ष और गहन रूप से की जाएगी।

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